वंदे मातरम विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 22 अगस्त को अपनी नई टीम के साथ बैठक की। बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में पहला प्रस्ताव राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सम्मान से संबंधित पारित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए उस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
कांग्रेस पर 1937 की मानसिकता अपनाने का आरोप
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम का अपमान किया गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एक बार फिर वर्ष 1937 जैसी मानसिकता की ओर लौट रही है। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम के केवल दो छंद गाने से संबंधित प्रस्ताव लाया गया।
जनता के बीच मुद्दा ले जाएगी भाजपा
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने का प्रयास कर रही है, जिसे उनकी पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा इस विषय को जनता के बीच लेकर जाएगी और देशभर में वंदे मातरम के प्रति सम्मान तथा जागरूकता का संदेश पहुंचाएगी। पात्रा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत के सम्मान के विषय में उनकी पार्टी किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
150वीं वर्षगांठ का किया उल्लेख
संबित पात्रा ने कहा कि वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के बीच वंदे मातरम के प्रति गहरा सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने इसे केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र और देशभक्ति की भावना से जुड़ा मंत्र बताया।
पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में पहली बार लाल किले के परिसर में वंदे मातरम के सभी छह पदों का गायन किया गया। उन्होंने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि भाजपा वंदे मातरम के संपूर्ण स्वरूप को देश के सामने प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी का जिक्र
संबित पात्रा ने कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में तिरंगा फहराए जाने के बाद वंदे मातरम का गायन शुरू हुआ था। उनके अनुसार, दो छंद पूरे होने के बाद सोनिया गांधी को कथित तौर पर इसे रोकने के लिए कहते हुए सुना गया। भाजपा ने इसी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रभक्ति और वंदे मातरम के प्रति उसके दृष्टिकोण पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्रभक्ति को लेकर कांग्रेस पर हमला
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक राष्ट्रभक्ति की आड़ में अपना वास्तविक रुख छिपा नहीं सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम विवाद के बाद कांग्रेस का चेहरा जनता के सामने आ गया है। पात्रा ने दोहराया कि भाजपा राष्ट्रगीत के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और इस मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखेगी।