अवैध महुआ शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वैभव घृतलहरे ने सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, 1 मार्च 2026 को आबकारी विभाग ने मुखबिर की सूचना पर पलसापाली से छुईपाली मार्ग पर नाकेबंदी कर टीवीएस जूपीटर स्कूटी से अवैध महुआ शराब का परिवहन कर रहे संजय जोल्हे (26) को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान दो बोरियों और स्कूटी की डिक्की से 5-5 लीटर क्षमता के 30 पॉलीथीन पैकेटों में कुल 150 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। आबकारी विभाग ने शराब जब्त कर आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
महुआ लाहन हुआ जब्त
दूसरे मामले में 21 मई 2026 को आबकारी विभाग ने ग्राम बालसी में छापेमारी कर सुखचंद रात्रे (60) के घर से 40 बल्क लीटर महुआ शराब तथा 1700 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया। जब्त सामग्री के आधार पर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
दोनों को एक-एक वर्ष का कारावास
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अभियोजक दीपक चौहान ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने दस्तावेजी साक्ष्यों, जब्त सामग्री और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को एक वर्ष के साधारण कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। आबकारी विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक मिर्जा जफर बेग के निर्देशन में की गई।