शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के सामने शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नामी बदमाश चाहत शुक्ला अचानक पहुंचा और जोरदार हंगामा करने लगा। उसने पुलिस प्रशासन के खिलाफ खुलेआम नारेबाजी की और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
हंगामे के दौरान चाहत शुक्ला ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि थाना प्रभारी राजनीतिक संरक्षण में काम कर रहे हैं और इसी कारण उसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं, उसने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के रिश्तेदार होने का लाभ उठाकर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया गया।
जिला बदर और पुलिस प्रताड़ना का आरोप
चाहत शुक्ला ने हंगामे के दौरान कहा कि उसे पहले दो बार जिला बदर किया गया था, लेकिन बाद में अदालत से उसे राहत मिल चुकी है। इसके बावजूद पुलिस लगातार उसे परेशान कर रही है और अनावश्यक कार्रवाई कर रही है। उसने खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी। उसके आरोपों के कारण कुछ समय के लिए एसपी कार्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।गिरफ्तारी के बाद पैदल मार्च
हंगामे की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और चाहत शुक्ला को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसका शहर में पैदल मार्च कराया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।