Startup India: सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार तेजी से हो रहा है, स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत अब तक 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप इकाइयों को मान्यता दी जा चुकी है। ये स्टार्टअप देश के 770 से ज्यादा जिलों में सक्रिय हैं और इनके माध्यम से 25.42 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
DPIIT के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कुल 2,50,046 स्टार्टअप्स को मान्यता मिली है। ये इकाइयां 56 अलग-अलग उद्योग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। खास बात यह है कि स्टार्टअप गतिविधियां अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं हैं। कुल स्टार्टअप्स में 52 प्रतिशत महानगरों से बाहर के शहरों में स्थित हैं। इससे छोटे शहरों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ने का संकेत मिलता है।
महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की भी बढ़ी भागीदारी
स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। विभाग के मुताबिक, 48 प्रतिशत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। यह आंकड़ा कारोबार और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
लगातार बढ़ रही नए स्टार्टअप्स की संख्या
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में 34,200 स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई थी। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 36,440 हो गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश में नए कारोबार शुरू करने और उन्हें औपचारिक पहचान दिलाने की गतिविधियां लगातार जारी हैं।सीड फंड योजना के तहत 4,194 स्टार्टअप्स को सहायता
शुरुआती दौर में स्टार्टअप्स को पूंजी की कमी का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित 244 इनक्यूबेटरों के माध्यम से 4,194 स्टार्टअप्स के लिए कुल 775.67 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
फंड ऑफ फंड्स योजना से स्टार्टअप्स में निवेश
स्टार्टअप्स को वित्तीय मदद देने के लिए सरकार की फंड ऑफ फंड्स योजना भी अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के अंतर्गत भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने 166 वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) के लिए 12,623 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता जताई है।
रोजगार और छोटे शहरों में उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा
स्टार्टअप इंडिया के तहत सामने आए आंकड़े बताते हैं कि देश में नए कारोबार को प्रोत्साहित करने के साथ रोजगार सृजन पर भी जोर दिया जा रहा है। छोटे शहरों में स्टार्टअप्स की मौजूदगी और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की भागीदारी इस क्षेत्र के विस्तार के अहम पहलू हैं।







