Prayagraj News: पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख स्टार्टअप हब बनने की क्षमता है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों के विकास के साथ स्टार्टअप देश के भविष्य को नई दिशा देंगे। यह बातें यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित राजेश महाजन ने शुक्रवार को नैनी स्थित युनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित दो दिवसीय ‘स्टार्टअप कॉन्फ्लुएंस 2.0’ के उद्घाटन समारोह में कहीं।
नई स्टार्टअप नीति से उद्यमियों को मिलेगी मदद
सुमित राजेश महाजन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति-2026 के तहत उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें निर्वाह भत्ता, प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए सहायता, बुनियादी ढांचे की सुविधा, फंडिंग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
छात्रों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों का किया स्वागत
कार्यक्रम में युनाइटेड ग्रुप के वाइस चेयरमैन डॉ. सतपाल गुलाटी ने विभिन्न जिलों और राज्यों से पहुंचे छात्रों तथा स्टार्टअप प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन में शामिल प्रतिभागियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। युनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को उद्यमिता की बारीकियां समझने और नए व्यावसायिक विचारों से परिचित होने का अवसर देते हैं।विशेषज्ञों की मौजूदगी में स्टार्टअप पर चर्चा
यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (UIH) के सीईओ शिवेश गौर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। आयोजन में प्लूटस बिजनेस एडवाइजरी के निदेशक क्षितिज सिंह, भारत सरकार के पेटेंट एवं डिजाइन परीक्षक यासिर अब्बास जैदी और डीन डॉ. अभिषेक मालवीय सहित अन्य लोग मौजूद रहे। दो दिवसीय कॉन्फ्लुएंस के जरिए छात्रों और स्टार्टअप से जुड़े प्रतिनिधियों को उद्यमिता, नवाचार और नए व्यावसायिक अवसरों से संबंधित जानकारी साझा करने का मंच मिला।






