Job Fraud: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने का गंभीर मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को मंत्रियों का पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) बताकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक को परिवहन आरक्षक बनाने का झांसा दिया और उससे 10 लाख रुपए ऐंठ लिए।
लंबे समय तक नियुक्ति न मिलने और पैसे वापस मांगने पर आरोपी द्वारा टालमटोल किए जाने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्यक्रम में हुई मुलाकात, फिर नौकरी का दिया भरोसा
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, कबीरधाम जिले के ग्राम सिंघनपुरी निवासी राजू बंजारे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान रायपुर में एक सामाजिक कार्यक्रम में उसकी मुलाकात संजय लहरी से हुई। बातचीत के दौरान राजू ने उसे अपनी तैयारी के बारे में बताया।
आरोप है कि संजय ने खुद को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताते हुए कहा कि उसकी सरकारी विभागों में अच्छी पहुंच है। उसने युवक को भरोसा दिलाया कि वह पहले भी कई लोगों की सरकारी नौकरी लगवा चुका है और परिवहन विभाग में आरक्षक के पद पर उसकी नियुक्ति भी करा सकता है।
20 लाख रुपए में तय हुआ सौदा
नौकरी दिलाने के बदले आरोपी ने 20 लाख रुपए की मांग की। शिकायत के अनुसार, दोनों के बीच 10 लाख रुपए पहले और बाकी रकम नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने की बात तय हुई। इसके बाद युवक ने मई महीने में अलग-अलग किस्तों में आरोपी को कुल 10 लाख रुपए दिए। आरोप है कि 6 और 7 मई के आसपास रायपुर के सर्किट हाउस के पास पांच लाख रुपए नकद दिए गए। इसके बाद 15 मई को ढाई लाख रुपए और 20 मई को दो लाख 30 हजार रुपए नकद दिए गए। बाकी 20 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।नौकरी नहीं मिली तो खुला ठगी का मामला
रकम लेने के बाद भी जब नियुक्ति नहीं हुई, तो राजू ने आरोपी से संपर्क किया। आरोप है कि संजय लहरी हर बार जल्द काम हो जाने की बात कहकर उसे टालता रहा। काफी समय तक नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस मांगने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के बाद युवक को अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में रत्ना साहू, फातिमा कुरैशी, प्रियंका साहू और मोहम्मद आरिफ खान सहित अन्य लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपों की पड़ताल करने के साथ अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।







