नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीवा एवं लखौली स्कूल में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नशामुक्त भारत अभियान और मिशन स्पंदन के तहत हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति को समर्पित रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की आदत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। कई बार नशे की वजह से आर्थिक परेशानी, पारिवारिक तनाव और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं।
विद्यार्थियों से कहा गया कि युवा अवस्था जीवन को दिशा देने का समय है। इस दौरान अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को नशे में गंवाने के बजाय शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और समाजसेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाया जाना चाहिए। स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच के साथ ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ली सामूहिक प्रतिज्ञा
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और विद्यालय के शिक्षकों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत बनाने की प्रतिज्ञा ली। विद्यार्थियों ने स्वयं सभी प्रकार के नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नशामुक्त जीवन के लाभों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे से दूरी व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक शांति, आर्थिक स्थिरता, खुशहाल पारिवारिक संबंध और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाती है। साथ ही विद्यार्थियों से अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई।
20 अगस्त तक 10 करोड़ प्रतिज्ञाओं का लक्ष्य
ब्रह्माकुमारीज़ मेडिकल विंग, राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से यह महाअभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 6 से 20 अगस्त तक देशभर में 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञाएं लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखते हुए स्वस्थ, सकारात्मक और मूल्यनिष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करना है। रीवा और लखौली स्कूल में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने ‘मेरा भारत-नशामुक्त भारत’ का संदेश देते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।