Wednesday, 14 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh Crime: 1.80 लाख रुपए में बच्चे का सौदा, मां समेत 5 आरोपी गिरफ्तार Cow Head Case: गोवंश से जुड़ी घटना पर प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग Crime News: तखतपुर में लगातार चोरी से दहशत, तीन दिन में दो दुकानों में वारदात Elephant News: शाम ढलते ही पक्के मकानों और स्कूलों में शरण लेने को मजबूर ग्रामीण, 12 से अधिक हाथियों का खौफ Constable Death News: सिटी कोतवाली में पदस्थ आरक्षक का मिला शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार Durg University News: विश्वविद्यालय में मिलेंगे पढ़ाई के नए विकल्प AI, कृषि और रक्षा अध्ययन पर फोकस Chhattisgarh Crime: 1.80 लाख रुपए में बच्चे का सौदा, मां समेत 5 आरोपी गिरफ्तार Cow Head Case: गोवंश से जुड़ी घटना पर प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग Crime News: तखतपुर में लगातार चोरी से दहशत, तीन दिन में दो दुकानों में वारदात Elephant News: शाम ढलते ही पक्के मकानों और स्कूलों में शरण लेने को मजबूर ग्रामीण, 12 से अधिक हाथियों का खौफ Constable Death News: सिटी कोतवाली में पदस्थ आरक्षक का मिला शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार Durg University News: विश्वविद्यालय में मिलेंगे पढ़ाई के नए विकल्प AI, कृषि और रक्षा अध्ययन पर फोकस
W 𝕏 f
होम › राज्य सरकार › Sukma Connect 2.0: सुकमा की पहल को मिली राष्ट्रीय…
Sukma Connect 2.0 digital services in remote villages (Image Source: CGDPR)
Sukma Connect 2.0 digital services in remote villages (Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

Sukma Connect 2.0: सुकमा की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान, ₹1.17 करोड़ मंजूर

Sukma Connect 2.0: सुकमा कनेक्ट 2.0 योजना के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने ₹1.17 करोड़ की मंजूरी दी है। इसके तहत दूरस्थ गांवों में मोबाइल सेवा वैन, 24 घंटे बहुभाषी कॉल सेंटर और डिजिटल निगरानी की सुविधा विकसित की जाएगी।

रोशनी पटेल | कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 14 Oct 2026, 04:38 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: PIB
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Sukma Connect 2.0: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं और नागरिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। सुकमा जिले की अभिनव पहल ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल करते हुए 1.17 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी है। प्रशासन द्वारा समन्वय केंद्र सेवा का विस्तार करते हुए प्रस्ताव “सुकमा कनेक्ट (सीएमसीसी) 2.0” प्रस्तुत किया गया था। सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत अब दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को मोबाइल सेवा वैन और चौबीसों घंटे संचालित बहुभाषी कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भी नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के जरिए ग्रामीणों को जरूरी सेवाएं उनके गांवों के करीब उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। 

40 हजार से अधिक फोन कॉल, हजारों नागरिकों तक पहुंची सेवाएं 

सुकमा जिले में मार्च 2026 से संचालित केंद्रीकृत निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र (सीएमसीसी 1.0) के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक फोन कॉल किए गए हैं। इस पहल के तहत 10 हजार 78 आयुष्मान कार्ड और 11 हजार 103 नए मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 5 हजार 788 आधार नामांकन और 27 हजार 391 बायोमेट्रिक अपडेट किए गए हैं। आजीविका संवर्धन के लिए 452 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन कर 4 हजार 745 परिवारों को आजीविका से जोड़ा गया है।

स्थानीय बोलियों में मिलेगी सहायता, गांव-गांव पहुंचेंगी मोबाइल सेवा वैन 

सुकमा कनेक्ट 2.0’ के तहत स्थानीय बोलियों में चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। दो मोबाइल सेवा वैन दूरस्थ गांवों में पहुंचकर आधार सहित अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी।

198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में होगी डिजिटल निगरानी 

परियोजना के तहत शिक्षा व्यवस्था की निगरानी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। जिले के 198 आवासीय विद्यालयों एवं आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही शाला से बाहर बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके। नागरिक सेवाओं, शासकीय योजनाओं और शिक्षा संबंधी गतिविधियों की एकीकृत निगरानी के लिए कलेक्टर स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी एक ही मंच से हो सकेगी। यह पहल सुकमा में दूरस्थ आदिवासी अंचलों में “टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड लास्ट-माइल गवर्नेंस“ का उदाहरण सामने लेकर आएगी। जिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में मार्च 2026 से सीएमसीसी 1.0 (केंद्रीय निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र)  का सफलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें