Supreme Court: राजधानी दिल्ली में पिछले एक महीने से जारी लगातार विरोध प्रदर्शनों और उनके चलते ठप होते कारोबार को लेकर मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत पहुँच चुका है। आगामी त्योहारी सीजन, विशेषकर दिवाली के दौरान व्यापार में हो रहे नुकसान को देखते हुए मध्य दिल्ली में प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस पर तुरंत कोई अंतरिम आदेश या रोक लगाने से साफ मना कर दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने टिप्पणी की कि अदालत को उम्मीद है कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और व्यापारिक नुकसान जैसे पहलू आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। अदालत ने कहा कि वह स्थिति के आगे बढ़ने के तरीके पर नज़र बनाए रखेगी और यदि व्यापारियों के कारोबार को कोई बड़ा नुकसान पहुँचता है, तो सुप्रीम कोर्ट अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मुआवजे के पहलू पर विचार कर सकता है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को तय की गई है।
2 दिन के बंद से 2000 करोड़ का झटका, व्यापारी परेशान
दरअसल, पिछले कुछ हफ़्तों में हुए प्रदर्शनों के कारण राजधानी के कई प्रमुख बाजारों को दो दिनों तक पूरी तरह बंद रखना पड़ा था। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुमानों और रिपोर्ट के अनुसार, महज दो दिनों के इस बंद से दिल्ली के कारोबारियों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये के व्यापार का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है। त्योहारों के ऐन मौके पर हो रहे इन प्रदर्शनों से व्यापारियों में भारी चिंता है। CTI ने इस मामले में गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और मध्य दिल्ली के व्यावसायिक इलाकों में इस तरह के प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाने की गुहार लगाई थी।
राजधानी में सुरक्षा कड़ी: 28 हजार जवान तैनात
इसी बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' रैली के आयोजन का ऐलान किया गया है। इस प्रस्तावित रैली और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे इलाके में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं और लगभग 28,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, सीजेपी के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि इस रैली से पहले प्रशासन द्वारा उन्हें किसी भी वक्त हिरासत में लिया जा सकता है।






