केशकाल घाट में सोमवार को उस वक्त एक बड़ा और भयावह हादसा टल गया, जब जगदलपुर से ओडिशा के झारसुगुड़ा जा रहा एक ऑक्सीजन टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। घाट के मोड़ पर टैंकर के पलटते ही तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव (लीकेज) शुरू हो गया। सफेद धुएं के गुबार को देखकर वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
हादसे में घायल हुए टैंकर चालक उदय ठाकुर ने बताया कि घाट से नीचे उतरते समय अचानक गाड़ी के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। ढलान होने के कारण भारी-भरकम वाहन पर नियंत्रण खो गया। लेकिन मौत को सामने देखकर भी उदय ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए पलटने से ठीक पहले या तुरंत बाद टैंक का 'सेफ्टी वाल्व' खोल दिया। इससे ऑक्सीजन नियंत्रित रूप से बाहर निकलने लगी। चालक के अनुसार, यदि वाल्व न खोला जाता तो अत्यधिक आंतरिक दबाव (Pressure) के कारण टैंक में भयंकर विस्फोट हो जाता, जिससे घाट से गुजर रहे कई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ जाते और भारी जनहानि हो सकती थी।
फौरन घेराबंदी कर शुरू किया बचाव कार्य
घटना की लाइव सूचना मिलते ही केशकाल थाना पुलिस और रेस्क्यू टीम बिना वक्त गंवाए तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा के लिहाज से गैस रिसाव वाले क्षेत्र की घेराबंदी (Cordoning) की, ताकि कोई अप्रिय घटना या आगजनी न हो। इसके बाद पुलिस टीम ने घायल ड्राइवर उदय ठाकुर को केबिन से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया। उनकी हालत अब पूरी तरह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
यातायात बहाली
जांबाज ड्राइवर की हर तरफ हो रही तारीफ
प्रारंभिक तकनीकी जांच में भी हादसे की मुख्य वजह अचानक ब्रेक फेल होना ही सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात ड्राइवर की तत्परता रही। अपनी जान की परवाह न करते हुए सैकड़ों लोगों की जिंदगी बचाने वाले ड्राइवर उदय ठाकुर की समझदारी की स्थानीय नागरिकों, पुलिस प्रशासन और राहगीरों ने मुक्तकंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि अगर ड्राइवर ने सही समय पर सही फैसला न लिया होता, तो आज केशकाल घाट इतिहास के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक का गवाह बन सकता था।
