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10 rearers received 5,000 egg batches.(Image Source: CGDPR)
10 rearers received 5,000 egg batches.(Image Source: CGDPR)
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Tasar Silk Farming: मिन्कापल्ली में तसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा, 10 पालकों को मिले 5000 डिंब समूह

Tasar Silk Farming: मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 रेशम पालक हितग्राहियों को 5000 स्वस्थ डिंब समूह वितरित किए गए। योजना के तहत शासन ने ₹70 हजार की सब्सिडी दी, जिससे ग्रामीण परिवारों को बेहतर गुणवत्ता वाले कोसा उत्पादन और अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।

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प्रकाशित: 27 Sep 2026, 11:05 AM · 2 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: PIB
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Tasar Silk Farming: जिले के मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण परिवारों की आय के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना के तहत 10 तसर रेशम पालक हितग्राहियों को कुल 5,000 स्वस्थ डिंब समूह वितरित किए गए। तसर रेशम उत्पादन के लिए ये स्वस्थ डिंब समूह बीएसएमटीसी वरम्, आंध्र प्रदेश से प्राप्त किए गए हैं। 
इन डिंब समूहों का कुल मूल्य लगभग ₹80 हजार है, जिसमें शासन द्वारा ₹70 हजार की सब्सिडी प्रदान की गई। हितग्राहियों को इसके लिए केवल ₹10 हजार का अंशदान करना पड़ा। इससे ग्रामीण रेशम पालकों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण रेशम उत्पादन का अवसर मिला है।

गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से बढ़ेगी अतिरिक्त आमदनी

स्वस्थ डिंब समूह उपलब्ध होने से तसर रेशम पालकों को गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन में मदद मिलेगी। इससे उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। योजना से लाभान्वित कामेश्वर ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सब्सिडी मिलने से तसर रेशम पालन के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त करना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ डिंब समूह से बेहतर गुणवत्ता का कोसा उत्पादन करने में मदद मिलेगी, जिससे अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता की नई राह

मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन को प्रोत्साहन देने वाली यह पहल ग्रामीण हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय का साधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शासन की सहायता से रेशम पालक अब बेहतर गुणवत्ता, अधिक उत्पादन और अतिरिक्त आमदनी की ओर आगे बढ़ रहे हैं। तसर रेशम से जुड़ी यह पहल ग्रामीण परिवारों के लिए केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह बन रही है।
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