Teacher Recruitment Protest: छत्तीसगढ़ में डीएड अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है, नियुक्ति में हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने गुरुवार सुबह राजधानी रायपुर में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ बंगले के अंदर बैठकर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और सरकार की ओर से नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित की जाए।
शिक्षा मंत्री के बंगले के अंदर बैठकर किया प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी गुरुवार सुबह शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पहुंचे। यहां उन्होंने बंगले के अंदर ही धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य अपनी मांग को सीधे सरकार के सामने रखना और नियुक्ति के मामले में ठोस निर्णय की मांग करना है। बंगले में एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने से प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति को लेकर अब स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई करते हुए नियुक्ति का रास्ता साफ करे। अभ्यर्थियों के अनुसार, लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह जानना है कि नियुक्ति कब तक होगी और प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सरकार की क्या योजना है।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा पुलिस बल
शिक्षा मंत्री के बंगले पर प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी भी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। वहीं पुलिस की ओर से भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बंगले में मौजूद नहीं थे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बंगले में मौजूद नहीं थे। इस वजह से अभ्यर्थियों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, मंत्री की गैरमौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी धरना समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर यहां पहुंचे हैं और जब तक नियुक्ति की तारीख को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।आश्वासन नहीं, नियुक्ति की तारीख चाहते हैं अभ्यर्थी
डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लगातार आंदोलन करने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ महसूस हो रहा है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय करे।







