रायपुर में गूंजेगी शिक्षकों की आवाज : आज विधानसभा घेराव की तैयारी पूरी, DEO को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने लंबित सात सूत्रीय मांगों को लेकर 15 जुलाई को रायपुर में विधानसभा घेराव की तैयारी पूरी कर ली है। जांजगीर-चांपा जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ के शिक्षकों ने अपनी बरसों पुरानी और लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। 'छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन' जिला जांजगीर-चांपा के बैनर तले आगामी 15 जुलाई को राजधानी रायपुर में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। फेडरेशन ने रायपुर में प्रस्तावित विधानसभा घेराव आंदोलन को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
आंदोलन की इसी कड़ी में फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष हरीश कुमार गोपाल के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अशोक सिन्हा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने DEO को आंदोलन की औपचारिक सूचना देते हुए अपनी सात सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया।
सभी शिक्षक होंगे रायपुर के लिए रवाना
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष ने बताया कि प्रांतीय संगठन के आह्वान पर जिले के कोने-कोने से शिक्षक इस आंदोलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। जांजगीर-चांपा जिले के सभी विकासखंडों (ब्लॉक) से सहायक शिक्षक और समग्र शिक्षक भारी संख्या में रायपुर के लिए रवाना होंगे। संगठन के पदाधिकारियों का साफ कहना है कि यह आंदोलन किसी शौक में नहीं, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े शिक्षक हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
क्या हैं शिक्षकों की 7 सूत्रीय प्रमुख मांगें?
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से इन जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। फेडरेशन की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
वेतन विसंगति का स्थायी निराकरण: सहायक शिक्षकों के वेतन में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर किया जाए।
प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना: शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी पहली नियुक्ति तिथि से की जाए।
क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ: समय पर क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ सुनिश्चित हो।
TET संबंधी समस्याएं: टीईटी (TET) से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जाए।
एकल शिक्षक विद्यालयों की बदहाली दूर हो: जिन स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक है, वहां की व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाए।
अन्य लंबित मुद्दे: शिक्षक हितों से जुड़े बाकी तमाम मामलों का शीघ्र निपटारा हो।
मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन होगा ऐतिहासिक"
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षक नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि उनकी मांगें बेहद पुरानी हैं और सरकार को अब इन पर टालमटोल छोड़कर एक सकारात्मक व ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने उनकी सुध नहीं ली, तो 15 जुलाई का यह विधानसभा घेराव प्रदेशभर के शिक्षकों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों की भारी मौजूदगी रही।
इन्होंने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष हरीश कुमार गोपाल के साथ विवेक राठौर, आशीष सिंह, दिलीप भारती गुरु, प्रमित सिंह, शशिकांत पांडे, अरविंद यादव, रामेश्वर आदित्य, धीरेंद्र राठौर शामिल थे। वहीं, महिला विंग की ओर से जिला अध्यक्ष मधु कारकेल, संगीता सोनी, प्रीति यादव, मधु राठौर के साथ-साथ सुरेश साहू, रामभरोस पटेल, सुरेश खुंटे, अजय पांडे, अश्विनी टेंगवर सहित जिला और ब्लॉक स्तर के तमाम पदाधिकारी व सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।