देश को टीबी की बीमारी से पूरी तरह निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस हाई-लेवल मीटिंग में देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और मुख्य सचिवों ने हिस्सा लिया, जहां 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ की बड़ी कामयाबी
इस राष्ट्रीय बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वहां के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। उन्होंने राज्य में चल रहे जमीनी प्रयासों की जानकारी देते हुए एक बेहद सकारात्मक रिपोर्ट साझा की। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में इस अभियान का बड़ा असर दिख रहा है और राज्य के कई गांव व ग्राम पंचायतें अब पूरी तरह से टीबी मुक्त हो चुकी हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
हाई-रिस्क इलाकों पर फोकस और तुरंत इलाज जरूरी
जनभागीदारी से जीतेगी जंग
इस अभियान को सिर्फ सरकारी योजना न मानकर एक जन-आंदोलन बनाने की बात कही गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि जब तक समाज के हर वर्ग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने जनता की भागीदारी (जनसहभागिता) बढ़ाने पर विशेष बल दिया ताकि समाज में टीबी को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो सकें। इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।