सोशल मीडिया पर रील्स और सेल्फी का बढ़ता क्रेज एक बार फिर एक परिवार की खुशियां छीन ले गया। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में सेल्फी लेने के दौरान हुए हादसे में 22 वर्षीय युवक सुखेंद्र गोंड की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक कुंड के खतरनाक किनारे पर खड़े होकर फोटो और वीडियो बना रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा। घटना के बाद मौके पर मौजूद दोस्तों और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद पुलिस और एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम ने युवक की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पन्ना और सतना से विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया, जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
24 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, सुखेंद्र गोंड रविवार दोपहर अपने दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने पहुंचा था। इसी दौरान वह कुंड के ऊंचे और जोखिम भरे हिस्से पर जाकर सेल्फी लेने लगा। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर गया और तेज बहाव वाले पानी व चट्टानों के बीच फंस गया। घटना के बाद करीब 24 घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तेज पानी, गहरी खाई और खतरनाक चट्टानों के बीच टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद SDERF के जवानों ने युवक का शव बरामद कर लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया।
हादसे से मचा मातम
बताया जा रहा है कि सुखेंद्र अपने दोस्तों के साथ घूमने और प्राकृतिक नजारे देखने के लिए बृहस्पति कुंड पहुंचा था। परिवार को इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद घर में मातम पसर गया। एक हंसता-खेलता परिवार अचानक अपने बेटे को खोने के गम में डूब गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बृहस्पति कुंड अपनी खूबसूरती के साथ-साथ खतरनाक भौगोलिक स्थिति के लिए भी जाना जाता है। यहां कई जगहों पर गहरी खाई और फिसलन भरे रास्ते हैं, जहां थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बृहस्पति कुंड जैसे खतरनाक पर्यटन स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि पर्यटक अपनी जान जोखिम में न डालें। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खतरनाक किनारों पर मजबूत बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई है? पर्यटकों को जोखिम वाले स्थानों पर जाने से रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं है? प्रशासन को ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों और अन्य जरूरी इंतजामों पर ध्यान देना चाहिए।सेल्फी के चक्कर में बढ़ रहे हादसे
बृहस्पति कुंड की घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने के बढ़ते चलन पर चिंता बढ़ा दी है। कई लोग वीडियो और फोटो के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं, जिसका नतीजा कभी-कभी बेहद दर्दनाक होता है। प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील करते हैं कि पर्यटन स्थलों पर सावधानी बरतें और ऐसी जगहों पर सेल्फी या वीडियो बनाने से बचें, जहां थोड़ी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।