महासमुंद में एटीआर मॉड्यूल का प्रशिक्षण, पंचायतों की निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
महासमुंद जिला पंचायत में एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) मॉड्यूल का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। राज्य संपरीक्षा कार्यालय की टीम ने पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रणाली, डेटा प्रबंधन और समयबद्ध रिपोर्टिंग की जानकारी दी। एटीआर मॉड्यूल के उपयोग से पंचायतों के कार्यों की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कीर्तिमान डेस्क
05 Aug 2026, 06:19 PM
महासमुंद
महासमुंद, पंचायतों में कामकाज की निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत महासमुंद में एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) मॉड्यूल का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा कार्यालय, रायपुर की सात सदस्यीय टीम ने पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों को मॉड्यूल के तकनीकी एवं व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने ऑनलाइन प्रतिवेदन तैयार करने, आवश्यक दस्तावेजों के संधारण, डेटा की शुद्धता बनाए रखने और तय समय सीमा में रिपोर्ट अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई।
ऑनलाइन रिपोर्टिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
राज्य संपरीक्षा कार्यालय की टीम ने बताया कि एटीआर मॉड्यूल के माध्यम से पंचायत स्तर पर किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी आसान होगी। ऑनलाइन प्रणाली से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा समय पर की जा सकेगी और रिपोर्टिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। प्रशिक्षण में सहायक संचालक कदम सिंह सिदार के साथ अधिकारी यू.के. कोसरिया, सौरभ तिग्गा, सुमित साहू और ज्येष्ठ संपरीक्षक फैजान अहमद ने प्रतिभागियों को मॉड्यूल के संचालन की जानकारी दी। जिला पंचायत कार्यालय से अशोक चंद्राकर और योगेश साहू ने भी प्रशिक्षण में सहयोग किया।
प्रशिक्षण लेते पंचायत अधिकारी कर्मचारी
प्रतिभागियों को कराया गया व्यवहारिक अभ्यास
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पंचायत कर्मचारियों को एटीआर मॉड्यूल पर प्रत्यक्ष अभ्यास भी कराया। ऑनलाइन प्रतिवेदन दर्ज करने की प्रक्रिया, तकनीकी समस्याओं के समाधान और मॉड्यूल के बेहतर उपयोग से जुड़े सवालों का जवाब दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि एटीआर मॉड्यूल के नियमित उपयोग से पंचायतों में कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर उपलब्ध होगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी बेहतर होगी और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही एवं पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों से मॉड्यूल का नियमित उपयोग करने और निर्धारित समय पर ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई।