राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतालाव के आश्रित ग्राम गांधीनगर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मृतक तीनों बच्चे गांधीनगर के रहने वाले थे और उनकी उम्र करीब 8 वर्ष के आसपास थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने काफी देर तक बच्चों की तलाश की। देर शाम तीनों के शव पानी से बाहर निकाले गए।
हादसे में गई तीन मासूमों की जान
पुलिस की मौजूदगी में शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ की मर्चुरी भेजा गया। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे आदिवासी समाज से थे। मृत बच्चों की पहचान सार्थक कोकोटे (8 वर्ष), पिता कमलेश कोकोटे, कृष मंडावी (8 वर्ष), पिता राकेश मंडावी और दानेश मंडावी (6 वर्ष), पिता राकेश मंडावी के रूप में हुई है।छोड़ा गया गड्ढा बना मौत का कारण?
तीनों बच्चे बोरतालाव के गांधी नगर क्षेत्र के निवासी थे। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा मिट्टी की खुदाई कर एक गहरा गड्ढा छोड़ दिया गया था। बारिश के बाद यह गड्ढा पानी से भर गया और बाहर से सामान्य तालाब जैसा दिखाई देने लगा। आशंका जताई जा रही है कि खेलते समय बच्चे वहां पहुंचे और गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण डूब गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल,
ग्रामीणों के आरोपों के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि वहां गहरा गड्ढा था तो उसे खुला क्यों छोड़ा गया और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।हड़ताल को लेकर ग्रामीणों ने कही बात
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की हड़ताल के कारण बुधवार को बच्चों के स्कूल आने-जाने की नियमित व्यवस्था प्रभावित थी। उनका कहना है कि सामान्य दिनों में शिक्षक बच्चों को घर से स्कूल लेकर आते और वापस छोड़ते थे। हालांकि, इस हादसे का हड़ताल से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है। यदि जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तीन मासूमों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और खुले गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।