Tripti Rajput Case: खुद को IAS अफसर बताकर लोगों को झांसे में लेने के आरोपों से घिरी तृप्ति राजपूत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। तृप्ति राजपूत का मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर के अंदर बनाया गया ब्लॉगिंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की चौकसी पर सवाल उठ रहे हैं।
रील और ब्लॉग बनाती नजर आईं युवतियां
वायरल वीडियो में तीन युवतियां विधानसभा परिसर के अंदर घूमती और वीडियो बनाती नजर आ रही हैं। इनमें तृप्ति राजपूत भी शामिल है। वीडियो में उसे ‘सीनियर अफसर’ के तौर पर पेश किया गया है। इसी दौरान तृप्ति यह कहते हुए सुनाई देती है, 'हमारी हरकतों और व्यवहार को देखकर कोई नहीं कह सकता कि हम IAS अफसर हैं।'
फर्जी अफसर बनने का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि तृप्ति राजपूत वर्ष 2021 से फर्जी अफसर बनकर लोगों को प्रभावित करने का काम कर रही थी। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका के संकेत भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, तृप्ति के साथ विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुरे नाम की दो युवतियों की भूमिका भी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और उन लोगों की जानकारी जुटा रही हैं, जिन्हें इस गिरोह ने अपने जाल में फंसाया।
चंदेरी केस में जेल में बंद है तृप्ति
विधानसभा की सुरक्षा पर उठे सवाल
फर्जी IAS बनकर लोगों को प्रभावित करने के आरोपों के बीच विधानसभा परिसर का यह वीडियो सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, उसके बनाए जाने के समय और उसमें दिखाई दे रही युवतियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ लेडी नटवरलाल’ नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

