पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में असम हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास ट्रक के केबिन में जली हालत में मिले चालक बलजिंदर सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। आरोप है कि प्रेम संबंध खत्म करने को लेकर हुए विवाद के दौरान बलजिंदर की प्रेमिका अमनदीप कौर ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया। बेहोश होने के बाद ट्रक के केबिन में डीजल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने मामले में रामपुर जिले के बिलासपुर क्षेत्र की रहने वाली अमनदीप कौर उर्फ अमना को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी। आरोपी घटनास्थल से निकलकर हाईवे से गुजर रहे एक वाहन की मदद से अपने मायके चली गई थी।
पहले हादसा समझ रही थी पुलिस
पुलिस के अनुसार, बलजिंदर सिंह रामपुर जिले के बिलासपुर क्षेत्र का रहने वाला था और ट्रक चलाता था। वह रुद्रपुर, उत्तराखंड से फोम लदा ट्रक लेकर नेपाल बॉर्डर की ओर जा रहा था। 10 जुलाई को पूरनपुर क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास ट्रक के केबिन से उसका जला हुआ शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई थी। शुरुआती जांच में पुलिस और अग्निशमन विभाग ने इसे हादसा माना, लेकिन बलजिंदर के परिजनों को परिस्थितियों पर संदेह था।
CCTV और कॉल डिटेल से बदली जांच की दिशा
तीन साल से चल रहा था प्रेम संबंध
पुलिस का कहना है कि बलजिंदर सिंह और अमनदीप कौर के बीच करीब तीन साल से प्रेम संबंध था। अमनदीप इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थी, जबकि बलजिंदर पर संबंध जारी रखने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। घटना से पहले अमनदीप अपने मायके आई हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह सहेली से मिलने की बात कहकर घर से निकली और पूरनपुर क्षेत्र पहुंची। यहां ट्रक के केबिन में दोनों के बीच विवाद हुआ।
रॉड से हमला, फिर केबिन में लगाई आग
पुलिस का आरोप है कि विवाद के दौरान अमनदीप ने ट्रक के केबिन में रखी लोहे की रॉड से बलजिंदर के सिर पर वार किया। हमले के बाद वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी ने केबिन में रखी प्लास्टिक की पिपिया से डीजल डालकर आग लगा दी। पुलिस के मुताबिक, आग लगाने के पीछे वारदात को सड़क हादसे जैसा दिखाने का प्रयास था। घटना के बाद आरोपी वहां से निकल गई और हाईवे से गुजर रहे एक वाहन में बैठकर अपने मायके पहुंच गई।