Ujjain Mahakal Temple: सावन के आखिरी सोमवार पर महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शाम 4 बजे निकलेगी सवारी
Ujjain Mahakal Temple: सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। शाम 4 बजे महाकाल की सवारी रामघाट के लिए निकलेगी।
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कीर्तिमान रिपोर्ट लक्ष्मी साहू
24 Aug 2026, 12:21 PM
उज्जैन
Ujjain Mahakal Temple: सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवान महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं।
तड़के 2:30 बजे खुले मंदिर के पट
सावन सोमवार के मौके पर महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोल दिए गए। सबसे पहले भगवान महाकाल को पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद पवित्र भस्म से उनका विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान महाकाल को चांदी के मुकुट, त्रिशूल, रुद्राक्ष की माला और फूलों से सजाया गया।
सुबह 3 बजे से लगने लगी भक्तों की कतार
भगवान महाकाल के दर्शन के लिए सुबह करीब 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में भगवान शिव और महाकाल के जयकारे गूंज रहे हैं।
शाम 4 बजे निकलेगी महाकाल की सवारी
आज शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी। भगवान चंद्रमौलेश्वर को पालकी में विराजमान किया जाएगा। वहीं, सवारी में शामिल रथों पर श्रद्धालुओं को भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होंगे।
रामघाट पहुंचेगी महाकाल की सवारी
महाकाल की सवारी मंदिर से शुरू होकर रामघाट पहुंचेगी। यहां पवित्र शिप्रा नदी के जल से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की जाएगी। सावन के आखिरी सोमवार और महाकाल की सवारी को लेकर उज्जैन में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।