श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। भगवान शिव के प्रिय महीने में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में कतारों में खड़े नजर आए। सोमवार तड़के मंदिर के कपाट खुलने के बाद बाबा महाकाल की भव्य भस्मारती संपन्न हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन किए।
श्रावण सोमवार के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और साध्वी हर्षानंद गिरी सहित कई श्रद्धालु बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।
पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ आकर्षक श्रृंगार

श्रावण सोमवार का रहता है विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने में शिव आराधना करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि श्रावण सोमवार के दिन देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं।
शाम को निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी
श्रावण-भादो मास में सोमवार के दिन बाबा महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा भी काफी पुरानी है। मान्यता है कि राजा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। सोमवार शाम करीब 4 बजे मंदिर से बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी। सवारी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर की सड़कों के किनारे घंटों पहले पहुंच जाते हैं। बाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों में खासा उत्साह रहता है।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के विशेष इंतजाम
पिछले सोमवार को महाकाल मंदिर में करीब 6.13 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद इस बार भी प्रशासन और मंदिर समिति ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे श्रावण सोमवार पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे।