Shardiya Navratri: घटस्थापना से पहले बढ़ी रौनक, नारा गांव में दिन-रात बन रही मां दुर्गा की प्रतिमाएं
Shardiya Navratri के आगमन से पहले दुर्गा उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। आरंग विकासखंड के ग्राम नारा निवासी मूर्तिकार नारायण धीवर मां दुर्गा की 10 से 12 फीट ऊंची प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मिट्टी से ढांचा तैयार करने से लेकर रंग-रोगन और श्रृंगार तक का काम बारीकी से किया जा रहा है। इस वर्ष उन्हें करीब 10 प्रतिमाओं के ऑर्डर मिल चुके हैं, जबकि नवरात्र नजदीक आने के साथ और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
प्रकाशित: 23 Sep 2026, 03:21 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
आरंग
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Shardiya Navratri: पर्व की आहट के साथ क्षेत्र में दुर्गा उत्सव की तैयारियां तेज होने लगी हैं। आगामी 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ नवरात्र पर्व का शुभारंभ होगा। शहर से लेकर गांवों तक दुर्गा उत्सव समितियां पंडाल निर्माण, सजावट और अन्य तैयारियों में जुटने लगी हैं। वहीं आरंग विकासखंड के ग्राम नारा निवासी मूर्तिकार नारायण धीवर अपने गांव में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं को आकार देने में व्यस्त हैं। उनके हाथों से तैयार हो रही 10 से 12 फीट ऊंची प्रतिमाएं नवरात्र में विभिन्न स्थानों के पंडालों की शोभा बढ़ाएंगी। मूर्तिकार नारायण धीवर प्रतिमा निर्माण के लिए मिलने वाले आर्डर के अनुसार इन दिनों लगातार काम कर रहे हैं।
आर्डर लेकर तैयार की जा रही प्रतिमा
मिट्टी से ढांचा तैयार करने के बाद प्रतिमा को आकार देने, चेहरे की भाव-भंगिमा उकेरने, रंग-रोगन और श्रृंगार सहित सभी कार्यों को बारीकी से पूरा किया जा रहा है। कार्यशाला में एक साथ कई प्रतिमाएं आकार ले रही हैं और धीरे-धीरे मां दुर्गा का भव्य स्वरूप सामने आने लगा है। नारायण धीवर ने बताया कि प्रतिमाओं के आकार और डिजाइन के अनुसार 16 से 22 हजार रुपए तक में आर्डर लेकर प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। एक प्रतिमा को पूर्ण रूप देने में मिट्टी, ढांचा, रंग-रोगन, सजावट और श्रम सहित कई स्तरों पर मेहनत करनी पड़ती है।
प्रतिमा तैयार करते मूर्तिकारनवरात्र नजदीक आते ही बढ़ जाते है आर्डर
प्रतिमा निर्माण की शुरुआत से लेकर उसे अंतिम स्वरूप देने तक कारीगरो को लगातार जुटे रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर हर वर्ष उन्हें करीब 35 से 40 प्रतिमाओं के आर्डर मिलते हैं। इस वर्ष अभी तक करीब 10 प्रतिमाओं के आर्डर मिले हैं, जिनका निर्माण कार्य जारी है। हालांकि अभी नवरात्र पर्व में समय है और आने वाले दिनों में और आर्डर मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष शुरुआती दिनों में लगभग ऐसी ही स्थिति रहती है और नवरात्र नजदीक आने के साथ आर्डर बढ़ते जाते हैं। इस बार भी पिछले वर्षों की तरह पर्याप्त आर्डर मिलने और पुराने आंकड़े के बराबर पहुंचने की उम्मीद है।
धीरे-धीरे प्रतिमाओं में मां दुर्गा दिखने लगा स्वरूप
प्रतिमा निर्माण में मां दुर्गा के चेहरे की भाव-भंगिमा और आंखों को विशेष महत्व दिया जाता है। नारायण धीवर प्रतिमाओं को आकर्षक और जीवंत स्वरूप देने के लिए हर बारीकी पर ध्यान दे रहे हैं। गांव में ही प्रतिमाओं का निर्माण होने से आसपास के लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। प्रतिमा निर्माण स्थल पर पहुंचने वाले लोग कारीगरों की मेहनत को करीब से देख रहे हैं। अधूरी प्रतिमाओं में धीरे-धीरे मां दुर्गा का स्वरूप उभरता देख श्रद्धालुओं में भी नवरात्र को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ ही विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू
इसके बाद नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, आरती, जसगीत, भजन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। दुर्गा उत्सव समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा और आकर्षक सजावट के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इधर गांव-गांव में दुर्गा उत्सव को लेकर बैठकों और तैयारियों का दौर चल रहा है। नारा गांव में नारायण धीवर की कार्यशाला में आकार ले रही मां दुर्गा की प्रतिमाएं अब नवरात्र के आगमन का संकेत दे रही हैं। आने वाले दिनों में आर्डर बढ़ने के साथ प्रतिमा निर्माण का काम भी और तेज होने की संभावना है।