UP NEET UG: MBBS-BDS एडमिशन के लिए पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 को जारी की गई थी। लेकिन चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद यह सीट अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया है। अब DGME ने काउंसलिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू की है और छात्रों को नई चॉइस फिलिंग करनी होगी। जिन उम्मीदवारों को पहले राउंड में सीट मिल चुकी थी, उन्हें भी नई प्रक्रिया में दोबारा भाग लेना होगा। 21 सितंबर तक अपनी नई चॉइस फिलिंग और लॉकिंग कर सकते हैं 22 सितंबर 2026 को संशोधित सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा।
काउंसलिंग में बदलाव
छात्रों को अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता फिर से दर्ज करनी होगी। इसके बाद संशोधित सीट मैट्रिक्स और नई चॉइस के आधार पर दोबारा सीट आवंटन किया जाएगा। आरक्षण व्यवस्था को लेकर हुआ था विवाद काउंसलिंग में बदलाव का मुख्य कारण उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में राज्य कोटे की MBBS सीटों के आरक्षण से जुड़ा मामला है। ये मेडिकल कॉलेज अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर में स्थित हैं।
नियमों के तहत होगा नया सीट अलॉटमेंट
इन संस्थानों की सीट मैट्रिक्स में SC, ST और OBC वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार संशोधित आरक्षण व्यवस्था के आधार पर काउंसलिंग आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। नई प्रक्रिया में SC वर्ग के लिए 21 प्रतिशत, ST वर्ग के लिए 2 प्रतिशत और OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा।
21 सितंबर तक भरें नई चॉइस, 22 को रिजल्ट
उम्मीदवार 21 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक अपनी नई चॉइस फिलिंग और लॉकिंग कर सकते हैं। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को संशोधित सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा। जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, वे 23 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच अपना सीट अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर संबंधित कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
सरकारी-निजी कॉलेजों में लागू होगी प्रक्रिया
सरकारी और निजी कॉलेजों पर लागू होगी नई प्रक्रिया संशोधित काउंसलिंग प्रक्रिया उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों की संबंधित स्टेट कोटा सीटों पर लागू होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नए शेड्यूल और निर्देशों को ध्यान से देखें और समय सीमा के अंदर सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करें।

