कोयलांचल नगरी कोरबा में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ उरगा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए कबाड़ माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध स्क्रैप जब्त किया है। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए स्क्रैप का वजन करीब 10 टन यानी लगभग 10 हजार किलोग्राम है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक उरगा थाना क्षेत्र में पिछले कई महीनों से अवैध स्क्रैप की डंपिंग और चोरी के लोहे के परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। पुलिस को जानकारी मिली थी कि ट्रकों के जरिए बड़ी मात्रा में कबाड़ को बाहर के राज्यों में भेजने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही उरगा पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर दबिश दी और मौके से भारी मात्रा में अवैध स्क्रैप बरामद कर लिया।
कबाड़ से जुड़े वाहन जब्त, संदिग्धों से पूछताछ जारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कबाड़ लदे वाहनों को भी जब्त किया है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में कबाड़ कहां से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। माना जा रहा है कि इस अवैध कारोबार की जड़ें जिले के कई हिस्सों तक फैली हुई हैं। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि जब्त किया गया कबाड़ राजेश साहू का बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।एसईसीएल क्षेत्रों से चोरी का पुराना खेल
कोरबा में अवैध कबाड़ कारोबार कोई नया मामला नहीं है। एसईसीएल की बंद पड़ी खदानों, पुराने संयंत्रों और सरकारी संपत्तियों से लोहे और मशीनरी के पार्ट्स चोरी कर उन्हें कबाड़ के रूप में बेचे जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। चोरी का यह सामान स्थानीय स्तर पर इकट्ठा कर ऊंचे दामों में बाहरी राज्यों तक पहुंचाया जाता है। कई बार पुलिस कार्रवाई के बावजूद कबाड़ माफिया कुछ दिनों बाद फिर सक्रिय हो जाते हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कबाड़ कारोबार से जुड़े बड़े आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी। लोगों का कहना है कि जिस तरह पहले मुकेश साहू पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी, उसी तर्ज पर अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े माफियाओं पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
