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Group is returning from a mission at Fort Bragg (Image Source: Social Media)
Group is returning from a mission at Fort Bragg (Image Source: Social Media)
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US Defence Industry: सैन्य तकनीक में तेजी लाने की तैयारी, निजी कंपनियों को मिल सकती है बड़ी सुविधा

US Defence Industry: अमेरिकी वायु सेना निजी रक्षा कंपनियों को सैन्य परीक्षण रेंज तक पहुंच देने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य हथियारों और नई सैन्य तकनीकों के विकास में तेजी लाना है। अमेरिकी सेना पहले ही पांच परीक्षण रेंज कंपनियों के लिए खोलने की पहल कर चुकी है।

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प्रकाशित: 09 Oct 2026, 03:03 PM · 5 मिनट पढ़ने का समय
अमेरिका
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
US Defence Industry: अमेरिकी सेना के बाद अब वायु सेना भी अपनी सैन्य परीक्षण रेंज को निजी कंपनियों के लिए खोलने की संभावना पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास को गति देना और आधुनिक हथियारों को सैन्य बलों तक तेजी से पहुंचाना है। इस पहल के तहत निजी कंपनियों को उन परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच मिल सकती है, जिनका इस्तेमाल फिलहाल सैन्य जरूरतों के लिए किया जाता है। अमेरिकी वायु सेना परीक्षण केंद्र के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मार्क मासारो ने मंगलवार को मिशेल इंस्टीट्यूट फॉर एयरोस्पेस स्टडीज के एक कार्यक्रम में इस विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वायु सेना के अधिकारी इस मॉडल को समझने के लिए अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

सेना के मॉडल से सीख रही वायु सेना 

मार्क मासारो के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने अपने कुछ फायरिंग रेंज को मंजूरी प्राप्त कंपनियों के लिए उपलब्ध कराने की पहल की है। वायु सेना इस व्यवस्था का अध्ययन कर रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि इसी तरह की सुविधा उसके परीक्षण केंद्रों में किस प्रकार लागू की जा सकती है। उन्होंने बताया कि वायु सेना के अधिकारियों ने सेना के परीक्षण एवं मूल्यांकन कमान के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की है। इन बातचीत का उद्देश्य यह जानना है कि निजी कंपनियों को सैन्य परीक्षण क्षेत्रों तक पहुंच देने में अब तक क्या प्रगति हुई है और इस प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। मासारो ने फ्लोरिडा स्थित एग्लिन वायु सेना अड्डे पर अपने पिछले कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उस समय वह 96वें परीक्षण विंग के कमांडर थे। उन्होंने बताया कि उस दौरान वायु सेना के अधिकारियों और रक्षा ठेकेदारों के साथ मिलकर कुछ विशेष परीक्षणों के लिए सीमित स्तर पर परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुभव मिला था। उनके अनुसार, इस अनुभव से ऐसी व्यवस्था को लागू करने के व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मदद मिली।

सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहेगी चुनौती 

सैन्य परीक्षण रेंज को निजी कंपनियों के लिए खोलने के साथ सुरक्षा से जुड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं। इन स्थानों पर नई सैन्य तकनीकों, हथियारों और अन्य संवेदनशील क्षमताओं का परीक्षण किया जाता है। ऐसे में उनकी जानकारी बाहरी पक्षों तक पहुंचने का जोखिम बना रहता है। ड्रोन और हवाई निगरानी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह चिंता और महत्वपूर्ण हो गई है। किसी परीक्षण स्थल की तस्वीरें या वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी विरोधी पक्षों तक पहुंचने से संवेदनशील सैन्य कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। मासारो ने कहा कि वायु सेना इन जोखिमों से परिचित है। उनके मुताबिक, परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं की सुरक्षा और सूचना की गोपनीयता को ध्यान में रखा जाता है। इसके लिए परीक्षण प्रक्रियाओं और तरीकों को इस तरह तैयार करना जरूरी है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरों को नियंत्रित किया जा सके।

निजी कंपनियों को क्या होगा फायदा ? 

वायु सेना के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियां अपने अनुसंधान और विकास के जरिए नई तकनीकों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, इन तकनीकों की वास्तविक परिस्थितियों में जांच करने के लिए विशेष सुविधाओं की जरूरत होती है, जिन्हें हर कंपनी अपने स्तर पर विकसित नहीं कर सकती। यदि सैन्य परीक्षण रेंज तक नियंत्रित पहुंच मिलती है, तो कंपनियों को अपने उपकरणों और तकनीकों की जांच करने का अवसर मिलेगा। इससे विकास के दौरान आने वाली समस्याओं की पहचान करने और तकनीक को सैन्य जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिल सकती है। मासारो ने कहा कि परीक्षण रेंज और अन्य सैन्य संसाधनों तक पहुंच उद्योग जगत की सीखने और विकास की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। इससे ऐसी तकनीकों को विकसित करने में सहायता मिलेगी, जो सैन्य बलों के लिए उपयोगी और प्रासंगिक हों।

अमेरिकी सेना पहले ही शुरू कर चुकी है पहल 

अमेरिकी सेना ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह अपनी पांच सैन्य परीक्षण रेंज को निजी क्षेत्र की मंजूरी प्राप्त कंपनियों के लिए उपलब्ध कराएगी। इनमें चार रेंज अमेरिका में और एक विदेश में स्थित है। इस योजना के पीछे उद्देश्य रक्षा उपकरणों के परीक्षण में आने वाली बाधाओं को कम करना और नई तकनीकों को सैनिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाना है। पूर्व अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने इस पहल को रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और कंपनियों के लिए परीक्षण प्रक्रिया आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था। जनवरी में सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने उन विशेष परिस्थितियों का उल्लेख किया था, जिन्हें निजी कंपनियों के लिए अपने स्तर पर तैयार करना मुश्किल होता है। इनमें यूक्रेन के युद्धक्षेत्र जैसी परिस्थितियों का अनुकरण करने वाले परीक्षण क्षेत्र, जैमिंग के प्रभाव से बचने वाली तकनीकों की जांच और हाइपरसोनिक हथियारों के परीक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।

किन सैन्य परीक्षण रेंज तक मिल सकती है पहुंच ?

  • डगवे प्रोविंग ग्राउंड: यूटा, अमेरिका। 
  • वेस्ट सिबोला रेंज: एरिजोना स्थित युमा प्रोविंग ग्राउंड का हिस्सा। 
  • कैंप शेल्बी जॉइंट फोर्सेज ट्रेनिंग सेंटर: मिसिसिपी, अमेरिका। 
  • कैंप ग्रेयलिंग जॉइंट मैन्यूवर ट्रेनिंग सेंटर: मिशिगन, अमेरिका। 
  • मल्टीडोमेन ट्रेनिंग एरिया रेंज कॉम्प्लेक्स: मोरक्को स्थित अफ्रीका मल्टीडोमेन ट्रेनिंग एंड एक्सपेरिमेंटेशन सेंटर का हिस्सा।

रक्षा तकनीक के विकास में तेजी लाने की कोशिश 

अमेरिकी वायु सेना की ओर से इस विषय पर विचार करना संकेत देता है कि सैन्य संस्थान निजी क्षेत्र की तकनीकी क्षमताओं का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने के विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि, वायु सेना की परीक्षण रेंज को निजी कंपनियों के लिए खोलने की योजना अभी विचार और अध्ययन के स्तर पर है। आने वाले समय में इस दिशा में कोई औपचारिक निर्णय लिया जाता है, तो निजी रक्षा कंपनियों को अपने उत्पादों के परीक्षण के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके साथ ही संवेदनशील सैन्य तकनीकों की सुरक्षा, गोपनीयता और परीक्षण स्थलों पर नियंत्रण बनाए रखना इस व्यवस्था की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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