वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़कर 141.92 करोड़ रुपये पहुंच गया है। खास बात यह है कि कंपनी घाटे से बाहर निकलकर अब मुनाफे में आ गई है। इससे पहले कंपनी को प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।
कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, कारोबार में बढ़ोतरी और कार्यक्षमता में सुधार के चलते प्रमुख वित्तीय आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
रेवेन्यू में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 141.92 करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 1.17 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, कारोबार में विस्तार और ग्रोथ रणनीति के सफल क्रियान्वयन के कारण यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
कंपनी ने दर्ज किया 7.98 करोड़ रुपये का EBITDA
वेलोरा इम्पैक्ट ने पहली तिमाही में 7.98 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल क्षमता और मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा टैक्स से पहले कंपनी का मुनाफा 7.90 करोड़ रुपये रहा।
घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी
कंपनी ने इस तिमाही में 7.90 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 2.11 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) 14.19 रुपये रहा, जो शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू को दर्शाता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताई भविष्य की रणनीति
वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही कंपनी की ग्रोथ यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन और मुनाफे में वापसी कंपनी की रणनीतिक बदलाव की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है।
बाजार में स्थिति मजबूत करने पर कंपनी का फोकस
कंपनी का कहना है कि आगे उसका ध्यान कारोबार की बुनियाद को और मजबूत करने, बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक टिकाऊ वैल्यू तैयार करने पर रहेगा।