आईसीसी (ICC) द्वारा 2027 पुरुष वनडे विश्व कप के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में असंतोष बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों और कप्तानों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नया फॉर्मेट छोटे क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए विश्व कप तक पहुंचने और शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने के अवसरों को सीमित कर देगा।
विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन (World Cricketers' Association) के जरिए कई खिलाड़ियों ने अपनी राय रखते हुए आईसीसी से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने भी इस मुद्दे पर एसोसिएट देशों का समर्थन किया है।
एसोसिएट देशों के कप्तानों ने जताई चिंता
नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा कि किसी भी देश के लिए वनडे विश्व कप में जगह बनाना वर्षों की मेहनत, योजना और निवेश का परिणाम होता है। ऐसे में अगर फॉर्मेट में बदलाव से अवसर कम हो जाते हैं तो यह निराशाजनक है। उनका मानना है कि आईसीसी एक ओर क्रिकेट को वैश्विक बनाने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर ऐसे फैसले छोटे देशों के लिए बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने की राह कठिन बना देते हैं। नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने भी इसी चिंता को दोहराया। उन्होंने कहा कि कई एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों के लिए वनडे विश्व कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा लक्ष्य होता है।फुटबॉल विश्व कप से सीख लेने की सलाह
उन्होंने माना कि विश्व कप में जगह प्रदर्शन के आधार पर मिलनी चाहिए, लेकिन सभी टीमों को निष्पक्ष अवसर भी मिलने चाहिए। आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा कि क्रिकेट को फुटबॉल विश्व कप के मॉडल से सीखने की जरूरत है। उनके मुताबिक, छोटे देशों ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कई बार शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि वे बड़े मंच की प्रतिस्पर्धा को और रोचक बना सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रिकेट में भी खेल के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन का कहना है कि खिलाड़ियों के करियर और खेल के भविष्य को प्रभावित करने वाले फैसले लेने से पहले खिलाड़ियों से भी चर्चा की जानी चाहिए। उनका मानना है कि अलग-अलग पक्षों की राय शामिल होने से बेहतर और संतुलित निर्णय लिए जा सकते हैं।