पेरिस का लाल बजरी (क्ले कोर्ट) भारतीय टेनिस स्टार श्रीराम बालाजी के लिए एक बार फिर बेहद भाग्यशाली और ऐतिहासिक साबित हुआ है। 36 वर्ष की परिपक्व उम्र में, बालाजी ने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष युगल (मेंस डबल्स) के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। यह उनके करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल है।
इस ऐतिहासिक सफर में उन्होंने ब्राजील के अनुभवी खिलाड़ी मार्सेलो डेमोलिनर के साथ जोड़ी बनाई थी। इससे पहले साल 2024 में भी पेरिस ने ही उन्हें पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के तीसरे दौर में पहुंचाया था, जिसके बाद उन्होंने रोहन बोपन्ना के साथ मिलकर पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
शॉट्स से ज्यादा'मानसिक खेल पर फोकस
विश्व रैंकिंग में इस समय 63वें स्थान पर काबिज बालाजी ने अपने इस शानदार सफर और खेल में आए बदलावों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया:
"पिछले दो वर्षों में मेरे खेल का जो विकास हुआ है, उससे मुझे पूरा विश्वास है कि मैं इसी (ग्रैंड स्लैम) स्तर का खिलाड़ी हूँ। टेनिस में इस स्तर पर हर कोई बेहतरीन फोरहैंड, बैकहैंड और वॉली लगा सकता है। असली अंतर मानसिक मजबूती से पैदा होता है।"
बालाजी ने अपनी पुरानी कमियों को स्वीकार करते हुए कहा कि पहले वह सिर्फ अपनी तकनीक और शॉट्स को सुधारने में लगे रहते थे। लेकिन अब उन्हें समझ आ गया है कि खेल सिर्फ शॉट मारने का नहीं, बल्कि "किस शॉट को, कहाँ और कब खेलना है" यानी सही रणनीति और टाइमिंग का है।
कोच रेवेन क्लासेन के साथ 'माइंड गेम' पर चर्चा
फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद, बालाजी ने 'डबल्स ड्रीम्स ऑफ इंडिया' प्रोजेक्ट के कोच रेवेन क्लासेन के साथ अपनी कमियों पर लंबा मंथन किया। उन्होंने बताया, "हमने कोर्ट पर बॉडी लैंग्वेज, मूवमेंट और अन्य तकनीकी पहलुओं पर करीब डेढ़ घंटे तक गहन चर्चा की। इस स्तर पर टेनिस की बारीकियों पर एक घंटे बात करना मानसिक रूप से 4 घंटे का मैच खेलने जितना थकाऊ होता है। लेकिन यही वो मेहनत है जो मुझे अगले स्तर पर ले जाएगी।"
लिबेमा ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
फ्रेंच ओपन के क्ले कोर्ट से सीधे ग्रास कोर्ट का रुख करते हुए बालाजी इस समय नीदरलैंड में ATP 250 लिबेमा ओपन (Libema Open) में अपना जलवा बिखेर रहे हैं।
नई जोड़ीदारी: इस टूर्नामेंट में बालाजी ने पहली बार अमेरिका के दिग्गज और बेहद अनुभवी खिलाड़ी राजीव राम के साथ जोड़ी बनाई है।
बड़ा उलटफेर: गैर-वरीयता प्राप्त होने के बावजूद इस भारत-अमेरिकी जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथी वरीयता प्राप्त इवान किंग और आंद्रे गोरान्सन की जोड़ी को शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली है।
मिशन विंबलडन और साल का बड़ा लक्ष्य
लिबेमा ओपन के बाद बालाजी आगामी ग्रैंड स्लैम विंबलडन में एक बार फिर अपने फ्रेंच ओपन जोड़ीदार मार्सेलो डेमोलिनर के साथ कोर्ट पर उतरेंगे। विंबलडन से पहले यह जोड़ी लय हासिल करने के लिए कुछ अन्य ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंट्स में भी हिस्सा लेगी।
ग्रास कोर्ट पर अपनी रणनीति को लेकर बालाजी काफी उत्साहित हैं:
| पहलू | बालाजी की ताकत और योजना |
| कोर्ट अनुकूलता | ग्रास कोर्ट मेरी दमदार सर्विस और आक्रामक (अटैकिंग) खेल के लिए बेहद अनुकूल है। |
| वर्ष 2026 का लक्ष्य | साल के अंत तक विश्व रैंकिंग में टॉप 50 या टॉप 40 में जगह बनाना। |
