रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। दो फैक्ट्रियों के बीच बनी बाउंड्री वॉल तेज हवाओं के दबाव में अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पास की झोपड़ी में रह रही एक महिला मजदूर मलबे की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस घटना में दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम ने करवट ली। रात करीब 8 बजे के बाद आसमान में काले बादल छा गए और गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से कई इलाकों में पानी भराव जैसी स्थिति भी देखने को मिली, हालांकि कुछ देर बाद बारिश धीमी पड़ गई।
धमतरी में आकाशीय बिजली से बड़ा नुकसान
धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। बिजली की चपेट में आने से करीब 40 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में भारी नुकसान और दहशत का माहौल है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, इस दौरान तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल हालात
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में भी सक्रिय रूप से प्रवेश कर सकता है, जिससे बारिश का दायरा और बढ़ेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच बिलासपुर संभाग में गर्मी बढ़ गई है। यहां तापमान में 4 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, और अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। वहीं, दुर्ग जिले में सबसे कम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे मौसम में क्षेत्रीय अंतर साफ नजर आया।