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परसकोल में मूनगा पौधरोपण अभियान
परसकोल में मूनगा पौधरोपण अभियान
रायपुर संभाग

आंगनबाड़ी बना प्रेरणा केंद्र : हर घर मूनगा अभियान को मिला ग्रामीणों का साथ

परसकोल गांव में हर घर मूनगा अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में सहजन के पौधे लगाए गए। जनपद सदस्य प्रीतम साहू ने मूनगा के पोषण और स्वास्थ्य लाभ बताते हुए ग्रामीणों से घर-घर पौधरोपण व संरक्षण की अपील की।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 05 Aug 2026, 05:28 PM · अपडेट: 25 Oct 2026, 01:12 AM
आरंग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
आरंग विकासखंड के सेक्टर रानीसागर अंतर्गत ग्राम पंचायत परसकोल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में "हर घर मूनगा अभियान" के तहत स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल की गई। आंगनबाड़ी केंद्र को प्रेरक केंद्र बनाते हुए "मेरा गाँव हरा-भरा, हर घर मूनगा" के संकल्प के साथ सहजन (मूनगा) के पौधों का रोपण किया गया। 
जनपद सदस्य प्रीतम साहू की उपस्थिति में आंगनबाड़ी परिसर में मूनगा के पौधे लगाए गए। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेहतर पोषण का संदेश दिया गया। 

मूनगा से पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा

जनपद सदस्य प्रीतम साहू ने कहा कि मूनगा परिवार के स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक रक्षक की तरह काम करता है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और माताओं के पोषण का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए यहां से शुरू हुई यह मुहिम पूरे गांव के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि मूनगा की पत्तियों, फलियों और फूलों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम के साथ विटामिन-ए और सी जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के आहार में मूनगा को शामिल करने से कुपोषण दूर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। प्रीतम साहू ने कहा कि जिस तरह एक पेड़ पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, उसी तरह घर के आंगन में लगा मूनगा का पौधा पूरे परिवार को पौष्टिक आहार उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने लोगों से घरों और आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास मूनगा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की। 

मूनगा अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प 

उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनआंदोलन का रूप देना होगा। एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक मूनगा के पौधे लगाने और उनके नियमित संरक्षण का संकल्प लिया। इस पहल से गांव को हरित और कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया गया।
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