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छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी फाइलों का डिजिटल संचालन
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी फाइलों का डिजिटल संचालन

 ई-ऑफिस प्रणाली : डिजिटल सुशासन की ओर एक ऐतिहासिक कदम

छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली ने सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाकर सुशासन की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी को बढ़ावा दे रही है तथा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम कर रही है। अब फाइलें ऑनलाइन ट्रैक होती हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हुई है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 11 May 2026, 02:46 PM · अपडेट: 25 Oct 2026, 10:35 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता बढ़ती है। साथ ही कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होती है।

डिजिटल इंडिया विजन से जुड़ा प्रशासनिक परिवर्तन

डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।

कागजी फाइलों से डिजिटल प्रणाली की ओर बदलाव

छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और धीमी प्रक्रियाएं सामान्य थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से न केवल कार्यों में तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

सक्ती जिला बना डिजिटल संचालन में अग्रणी

ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। 87,222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं और अब तक 5,46,903 से अधिक फाइलों का डिजिटल संचालन हो चुका है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में सक्ती जिला 15,735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।

ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ

ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग से यह पता लगाना आसान हो गया है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है, जिससे जवाबदेही बढ़ी है। फाइलों की तेज आवाजाही से निर्णय प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। साथ ही डिजिटल भंडारण से दस्तावेजों के खराब होने या खोने की समस्या समाप्त हो गई है।

प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से मजबूत व्यवस्था

किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

पूर्ण डिजिटल प्रशासन की ओर भविष्य की दिशा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य सभी शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर एक ठोस कदम है। यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक आधुनिक और प्रभावी परिभाषा प्रस्तुत करेगा।

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