छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की तकनीक आधारित कृषि पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। जिले में विकसित PACS आधारित ड्रोन कृषि सेवा मॉडल को कोलकाता में आयोजित CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। इस मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक आधुनिक कृषि सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावी और अनुकरणीय पहल बताया गया।
एक ही केंद्र पर मिलेंगी कई कृषि सुविधाएं धमतरी में विकसित किए जा रहे PACS मॉडल के तहत किसानों को एक ही स्थान पर ड्रोन सेवा, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, बैंकिंग सुविधा, किसान पंजीयन, कृषि परामर्श और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
किसानों तक पहुंच रही ड्रोन सेवा
धमतरी जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन से तरल उर्वरकों के छिड़काव की सुविधा दी जा रही है। ड्रोन तकनीक से किसानों का समय और श्रम बच रहा है। साथ ही उर्वरकों का समान और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग हो रहा है, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिल रही है।धमतरी बना ड्रोन कृषि सेवा का अग्रणी जिला
पिछले महीने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की मौजूदगी में जिले की 10 PACS समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सेवा की शुरुआत की गई थी। इसके साथ ही धमतरी देश का पहला जिला बना, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोहरसी समिति में प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने इसका सफल प्रदर्शन भी किया था।
इन PACS समितियों में मिल रही ड्रोन सुविधा
धमतरी जिले में बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही और करेली PACS समितियों के माध्यम से किसानों को जरूरत के अनुसार ड्रोन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के कृषि और सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञों ने ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि सेवाओं और PACS की भूमिका पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से जल, उर्वरक और श्रम की बचत के साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।कृषि आधुनिकीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार PACS समितियों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों को गांव स्तर पर आधुनिक तकनीक और जरूरी कृषि सेवाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना है। धमतरी का ड्रोन कृषि सेवा मॉडल अब केवल जिले की उपलब्धि नहीं रह गया है, बल्कि यह देशभर में तकनीक आधारित कृषि विकास का उदाहरण बनकर सामने आया है।