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भटगांव में छत्तीसगढ़ का पहला पशु ब्रीडिंग सेंटर
भटगांव में छत्तीसगढ़ का पहला पशु ब्रीडिंग सेंटर

पशुपालन क्रांति की शुरुआत : धमतरी के भटगांव में स्थापित होगा अत्याधुनिक ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भटगांव में राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर की पहल पर शुरू यह परियोजना पशुपालन को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक और आधुनिक व्यवसाय में बदलने का लक्ष्य रखती है। इस केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच, रोग निदान और उन्नत प्रयोगशाला जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे पशुओं की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
10 May 2026, 12:22 PM
रायपुर

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त और आधुनिक दिशा देने के उद्देश्य से धमतरी जिले के भटगांव में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की शुरुआत होने जा रही है। यह स्थान अब एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बनने जा रहा है, जहाँ राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। इस केंद्र की स्थापना कलेक्टर की विशेष पहल और दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका मुख्य उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र को परंपरागत ढांचे से निकालकर वैज्ञानिक, व्यावसायिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

वैज्ञानिक और आधुनिक पशुपालन की दिशा में कदम

यह केंद्र केवल एक ब्रीडिंग यूनिट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उत्पादन का एक समन्वित मॉडल होगा। यहाँ पारंपरिक बकरी पालन की सीमाओं को समाप्त करते हुए इसे एक संगठित और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। केंद्र में आधुनिक तकनीक से युक्त प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जहाँ कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच, रोगों का त्वरित निदान और उपचार संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके माध्यम से पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के साथ-साथ उनकी उत्पादकता भी बढ़ाई जाएगी।

उन्नत नस्ल संरक्षण और चारा विकास

इस परियोजना के अंतर्गत उन्नत नस्लों के संरक्षण और प्रजनन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे स्थानीय पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता वाले पशु उपलब्ध हो सकें। साथ ही पशुओं के लिए संतुलित आहार, पोषण और हरे चारे के वैज्ञानिक उत्पादन की विधियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण पशुपालन अधिक टिकाऊ और लाभदायक बन सके।

कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर

यह केंद्र कौशल विकास का भी एक महत्वपूर्ण मंच होगा। युवाओं, किसानों और विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। “पशु सखी” जैसी पहल के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में ही 10 से 12 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करने की योजना है।

तकनीकी सहयोग और डिजिटल विस्तार

परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ओडिशा की प्रतिष्ठित तकनीकी संस्था माणिकस्तु के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। इसके अलावा, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जहाँ उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री पारदर्शी तरीके से की जा सकेगी।

भविष्य की बड़ी योजनाएँ और विकास दृष्टि

भविष्य में इस केंद्र को राज्य की सबसे आधुनिक पशुधन मंडी और उन्नत पशु चिकित्सा सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना है, जिससे छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा सके।

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