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गंगरेल डूबान क्षेत्र में प्रशासन का त्वरित एक्शन
गंगरेल डूबान क्षेत्र में प्रशासन का त्वरित एक्शन

भीषण गर्मी में राहत : गंगरेल डूबान क्षेत्र के कोसमी गांव में मिला भरपूर पानी

गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र के गांवों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। जल जीवन मिशन के तहत पीएचई विभाग ने ग्राम कोसमी में नया बोर खनन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो गया है। भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के बीच प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
16 May 2026, 12:20 PM
रायपुर

प्रदेश की जीवनदायिनी माने जाने वाले गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में बसे गांवों के लिए राहतभरी और सुकून देने वाली खबर सामने आई है। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण जहां कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा था, वहीं जल जीवन मिशन के तहत शासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की तत्परता ने ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुंचाई है। ग्राम कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा है, जिससे अब क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर लोगों की चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में डूबान क्षेत्र में भूजल स्तर में आई गिरावट के चलते कुछ गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएचई विभाग की टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाई और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर समाधान की दिशा में युद्धस्तर पर काम शुरू किया। 

ग्राम कोसमी में नया बोर खनन करने का निर्णय लिया गया, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ। बोर से पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने के बाद अब गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में बढ़ती जल आवश्यकता और गिरते जलस्तर को देखते हुए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू कर दी गई थी। कोसमी में सफल बोर खनन से अब ग्रामीणों को राहत मिलने लगी है और आने वाले दिनों में पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जल जीवन मिशन के दावों को मिला बल

जल जीवन मिशन के तहत शासन का लक्ष्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र के ग्राम कोसमी, कोड़ेगांव-आर और तिर्रा जैसे गांवों में सामने आई आंशिक दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय बना हुआ है। कोसमी में मिली सफलता के बाद अब पाइपलाइन विस्तार और जल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को घर-घर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि डूबान क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां सामान्य क्षेत्रों से अलग हैं। यहां गर्मी के मौसम में जलस्तर तेजी से प्रभावित होता है, इसलिए विशेष कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से पेयजल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। कोसमी के बाद अब तिर्रा और कोड़ेगांव-आर में बंद पड़े हैंडपंपों के सुधार, नए बोर खनन और अन्य वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

कोसमी में नए बोर से पानी निकलते ही ग्रामीणों के बीच खुशी का माहौल बन गया। लंबे समय से पानी की समस्या को लेकर चिंतित लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने शासन और प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते की गई इस पहल ने उन्हें बड़ी परेशानी से बचा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच यदि समय पर यह व्यवस्था नहीं होती, तो पानी की समस्या और गंभीर हो सकती थी। ग्रामीणों ने यह भी उम्मीद जताई कि जिस तरह कोसमी में तेजी से समाधान किया गया है, उसी तरह आसपास के अन्य गांवों में भी जल्द स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस सफल प्रयास ने डूबान क्षेत्र के लोगों में यह भरोसा मजबूत किया है कि शासन उनकी मूलभूत जरूरतों को लेकर गंभीर है और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।

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