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श्रमिकों के लिए योजनाओं की बहार
श्रमिकों के लिए योजनाओं की बहार

श्रमिकों के लिए खुला खजाना : बजट में 256 करोड़ का प्रावधान, आवास और ई-रिक्शा सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी

छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। पिछले 2 साल 4 माह में लगभग 800 करोड़ रुपये DBT के माध्यम से श्रमिकों के खातों में भेजे गए हैं। श्रमिक बच्चों की शिक्षा के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। सरकार कई अन्य योजनाएं जैसे छात्रवृत्ति, औजार किट, मेधावी प्रोत्साहन और श्रम अन्न योजना भी चला रही है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
30 Apr 2026, 12:08 PM
रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडलों के माध्यम से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप बीते 2 साल 4 माह में श्रमिकों को लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनके खातों में सीधे हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल: अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना

श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सरकार शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के नामी और उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस: इतिहास और महत्व

मजदूर दिवस (1 मई) का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिवस 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग को लेकर हुए संघर्ष की याद में मनाया जाता है। भारत में इसकी शुरुआत 1923 में चेन्नई से हुई थी। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के लिए काम के घंटे 12 से घटाकर 8 किए और महिलाओं के लिए प्रसूति अवकाश की सुविधा सुनिश्चित की।

प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री के निर्देश और तकनीकी निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ तकनीक के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

"मजदूर का बच्चा अब मजदूर नहीं रहेगा": श्रम विभाग की प्रमुख योजनाएं

श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर अवसर मिलें। विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:

  • मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना

  • मिनीमाता महतारी जतन योजना

  • मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना

  • मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना

  • शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना

बजट 2026-27 और आवास एवं परिवहन सहायता में वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रम विभाग के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने श्रमिक आवास सहायता की राशि को 1 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए कर दिया है। इसी तरह, ई-रिक्शा के लिए मिलने वाली सहायता राशि को भी बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए किया जाएगा।

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार

"हर हाथ को काम और हर पेट को अन्न" की नीति के तहत वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केंद्र संचालित हैं, जहाँ श्रमिकों को मात्र 5 रूपए में गर्म और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का विस्तार राज्य के सभी जिलों में करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रमिक पंजीकरण और उपकर (Cess) प्रबंधन का विवरण

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2025-26 में उपकर (सेस) के रूप में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि मार्च 2026 तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में कुल 2,558 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

औद्योगिक सुरक्षा और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) सेवाएं

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं' के लिए राज्य सरकार द्वारा 76 करोड़ 38 लाख रूपए आवंटित किए गए हैं।

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