"बिजली कटौती" के लिए 24 परिणाम मिले
रायपुर
Mini Steel Plants: बिजली कटौती और बढ़ते खर्च से परेशान स्टील उद्योग, लोड फैक्टर में राहत की मांग
Mini Steel Plants: छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने अघोषित बिजली कटौती से हो रहे नुकसान को देखते हुए सितंबर-अक्टूबर के लिए लोड फैक्टर और डिमांड चार्ज में राहत मांगी है।
रायपुर
हल्लाबोल : बिजली कटौती और बढ़े बिल के विरोध में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन
राजधानी रायपुर में बिजली कटौती, बढ़ते बिजली बिल और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रायपुर संभाग
Farmer Debate: किसान नेता पारसनाथ साहू ने सरकार को दी खुली बहस की चुनौती, MSP समेत 10 मुद्दों पर मांगा जवाब
Farmer Debate: नेता पारसनाथ साहू ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर छत्तीसगढ़ सरकार को खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने MSP, धान खरीदी, खाद, बिजली, सिंचाई और गौठान सहित 10 प्रमुख विषयों पर सरकार से जवाब मांगा है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
Khairagarh News: 8.25 लाख का बिजली बिल बकाया, नगर पालिका कार्यालय का कनेक्शन कटा
Khairagarh News: खैरागढ़ नगर पालिका कार्यालय का करीब 8 लाख 25 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया होने के कारण मंगलवार को बिजली कनेक्शन काट दिया गया। कनेक्शन कटते ही कार्यालय में बिजली आपूर्ति बंद हो गई और कर्मचारियों को काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायपुर
Raipur Power News: अब नहीं थमेगी बिजली, 2.31 करोड़ की लागत से नया उपकेंद्र शुरू, हजारों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
Raipur Power News: रायपुर के उमिया मार्केट में ₹2.31 करोड़ की लागत से निर्मित 33/11 केवी बिजली सब-स्टेशन शुरू हो गया है। इससे गोंदवारा, भनपुरी और आसपास के औद्योगिक एवं रिहायशी क्षेत्रों में ट्रिपिंग, ओवरलोड और बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
राज्य सरकार
सौर सुजला योजना से बदली वनांचल की खेती, 4,722 किसानों के खेतों तक पहुंची सिंचाई सुविधा
छत्तीसगढ़ की सौर सुजला योजना नारायणपुर और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर सिंचाई पंप मिलने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है। अब वे बिना बिजली बिल और कटौती की चिंता के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।
राष्ट्रीय
भारत से डीजल मांग रहा बांग्लादेश, ऊर्जा संकट के बीच रात 8 बजे बंद होंगे बाजार-मॉल
बिजली और ऊर्जा संकट के बीच दुकानों, बाजारों और मॉल को रात 8 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजल की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित होने के बाद बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल सप्लाई की मांग भी की है।
राष्ट्रीय
आदिवासी अंचल में सूखे जैसे हालात, खेतों में दरारें देख किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश नहीं होने से ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम कोठी और आसपास के गांवों में खेती संकट में आ गई है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और किसान बोरवेल के सहारे धान की फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों की समस्या को देखते हुए बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं।
महासमुंद
बिजली व्यवस्था पर सवाल : बारिश से पहले पिथौरा में लगातार कटौती से लोग परेशान
नगर में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने से आम नागरिक परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था के कारण उन्हें आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रायपुर
लगातार दो दिनों की झमाझम बारिश : कहीं किसानों के चेहरे खिले, तो कहीं आम जनजीवन बेपटरी
रायपुर, महासमुंद और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से किसानों को खेती के लिए बड़ी राहत मिली है। वहीं शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी समस्याओं ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्रीय
मुहर्रम जुलूस में हादसा : हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया 20 फीट ऊंचा ताजिया, 3 की मौत
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के हतनारा गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान 20 फीट ऊंचा ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर
खेतों में सन्नाटा : लखौली क्षेत्र के 25 से ज्यादा गांवों में थमी खरीफ की रफ्तार
लखौली अंचल और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में पर्याप्त बारिश न होने से खरीफ खेती प्रभावित हो गई है। किसान खेत तैयार करने के बाद भी धान की बुआई और रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसान सीमित पानी के सहारे नर्सरी तैयार करने का जोखिम उठा रहे हैं, लेकिन बारिश की कमी से फसल चक्र बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।