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Parasnath Sahu challenged the government to a debate(Image Source: AI Photo)
Parasnath Sahu challenged the government to a debate(Image Source: AI Photo)
रायपुर संभाग

Farmer Debate: किसान नेता पारसनाथ साहू ने सरकार को दी खुली बहस की चुनौती, MSP समेत 10 मुद्दों पर मांगा जवाब

Farmer Debate: नेता पारसनाथ साहू ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर छत्तीसगढ़ सरकार को खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने MSP, धान खरीदी, खाद, बिजली, सिंचाई और गौठान सहित 10 प्रमुख विषयों पर सरकार से जवाब मांगा है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 20 Sep 2026, 05:41 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 04:45 AM · 4 मिनट पढ़ने का समय
आरंग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Farmer Debate: किसानों के मुद्दों को लेकर चल रही बहस के बीच किसान नेता पारसनाथ साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार को खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से केवल 10 किसान इस बहस में शामिल होंगे, जिनमें पारसनाथ साहू, द्वारिका साहू, गोविंद चन्द्राकर और दौलत साहू सहित अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार के सभी मंत्री और केंद्र सरकार के जितने मंत्री चाहें, उन्हें बहस में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बहस का स्थान प्रेस क्लब रायपुर तय बताया है। पारसनाथ साहू ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं और बहस के दौरान सरकार से इन सवालों पर सीधे जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने समर्थन मूल्य, खाद, धान खरीदी, किसानों की आय, बिजली, सिंचाई, जमीन बंटवारा और गौठान व्यवस्था सहित 10 प्रमुख विषयों को बहस का आधार बनाया है।

MSP और फसल खरीदी की कानूनी गारंटी पर सवाल

किसान नेता ने सवाल उठाया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों का लाभकारी समर्थन मूल्य तय कर उनकी खरीदी की कानूनी गारंटी क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। साहू ने खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को समय पर जरूरत के अनुसार खाद क्यों नहीं मिल पाती, इस पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने धान खरीदी प्रक्रिया में आ रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। साहू ने सवाल किया कि किसानों द्वारा उत्पादित धान की पूरी खरीदी में अड़चन क्यों आती है। एग्रीस्टैक पोर्टल की जटिल शर्तों के कारण किसान धान बेचने से क्यों वंचित हो रहे हैं और जांच के बाद भी रकबा पंजीयन में समस्याएं क्यों बनी हुई हैं।

किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर जवाब मांगा

किसान नेता ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि यह लक्ष्य पूरा क्यों नहीं हुआ और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए। साहू ने कहा कि पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद किसानों को खेतों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने सिंचाई क्षमता बढ़ाने और नए बांधों के निर्माण की दिशा में पर्याप्त काम नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हर साल समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। सरकार को इस अंतर को दूर करने के लिए जवाब देना चाहिए।

जमीन बंटवारे और गौठान व्यवस्था पर भी चर्चा

किसान नेता ने पारिवारिक जमीन के बंटवारे में बढ़ी फीस और प्रक्रिया की जटिलता पर सवाल उठाए। साथ ही गौठान व्यवस्था बंद होने के बाद खुले मवेशियों से फसल नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या पर सरकार की नीति स्पष्ट करने की मांग की। साहू ने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को नियमित रूप से किसानों के बीच जाकर संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझने और समाधान निकालने के लिए सीधा संवाद जरूरी है।

विपक्षी दलों के साथ भी होगी बहस

पारसनाथ साहू ने बताया कि खुली बहस का दूसरा चरण सभी विपक्षी दलों के साथ होगा। इसमें किसानों के हितों को लेकर विपक्षी दलों की भूमिका और उनके प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद अंतिम चरण में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के साथ बहस का प्रस्ताव रखा जाएगा। साहू ने कहा कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दल सत्ता में आने के लिए कई वादे करते हैं, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उन वादों के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठते हैं। किसानों के मुद्दों और सरकार की नीतियों पर जवाबदेही तय करने के लिए खुली बहस जरूरी है।
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