Farmers Protest: कावेरी सीड्स कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शुक्रवार को महासमुंद के बेलसोंडा रेलवे क्रॉसिंग के पास नेशनल हाईवे-353 पर चक्काजाम कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब चार घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन से यातायात प्रभावित रहा। हालात को देखते हुए पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने की व्यवस्था की।
ट्रैक्टर मार्च रोकने पर बढ़ा तनाव
मिली जानकारी के अनुसार, किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कावेरी सीड्स कंपनी के रायपुर (भाठागांव) स्थित प्रांतीय कार्यालय का घेराव करने के लिए 'ट्रैक्टर मार्च' निकाल रहे थे। हालांकि, पुलिस ने बेलसोंडा के पास ही बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से किसान भड़क गए और उन्होंने मौके पर ही नेशनल हाईवे पर धरना देना शुरू कर दिया। सड़क के बीचों-बीच किसानों के बैठने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक का रुख दूसरे रास्तों की तरफ मोड़ना पड़ा।

सड़क पर ही चूल्हा जलाकर दी लंबे आंदोलन की चेतावनी
आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किसानों ने धरना स्थल (सड़क) पर ही खाना पकाने की व्यवस्था कर ली थी। दोपहर में किसानों ने हाईवे पर ही भोजन पकाया और खाया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि वे अपनी मांगों को लेकर आर-पार के मूड में हैं और लंबा आंदोलन चलाने की तैयारी कर चुके हैं।
मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल हाईवे पर आवाजाही को सामान्य करने की कोशिशें की जा रही हैं, वहीं पूरे इलाके की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है।






