"लखपति दीदी" के लिए 31 परिणाम मिले
केंद्र सरकार
Mahtari Vandan Yojana: महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सुमन लता, मेहनत से हासिल की लखपति दीदी की पहचान
Mahtari Vandan Yojana: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सुमन लता वाकरे ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। 15 हजार रुपये की आरएफ राशि और समूह की सहायता से शुरू की गई किराना दुकान आज उनकी सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय का जरिया बन चुकी है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है।
राज्य सरकार
Mahtari Vandan Yojana: 68 लाख महिलाओं को मिला सहारा, लखपति दीदी बनने की राह हुई आसान
Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का माध्यम बन रही है। योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने ₹1000 की सहायता मिल रही है। इसके साथ ऋण और स्वयं सहायता समूहों की मदद से हजारों महिलाएं स्वरोजगार शुरू कर लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राज्य सरकार
Lakhpati Didi : सरकारी सहयोग और मेहनत का कमाल, लखपति दीदी बनीं कमलेश यादव
Lakhpati Didi: मरवाही विकासखंड की कमलेश यादव ने महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर चिकन स्टोर और सिलाई कार्य को आय का जरिया बनाया। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है।
सुशासन तिहार : आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक की कहानी
कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम लोखान के कमराखोल में ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद किया। आम के पेड़ के नीचे हुई चौपाल में महिलाओं ने अपने संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की कहानियाँ साझा कीं। बिहान योजना से जुड़ी कई महिलाएं अब “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें और आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़
स्व-सहायता समूह से बदली तकदीर: डेयरी और खेती से ‘लखपति दीदी’ बनीं माधुरी जंघेल
छत्तीसगढ़ की माधुरी जंघेल ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर डेयरी, खेती और पशु आहार व्यवसाय के जरिए सालाना 5.50 लाख रुपये की आय हासिल की और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं।
राज्य सरकार
Seva Sankalp Abhiyaan: महासमुंद में जिला मुख्यालय से ग्राम पंचायतों तक जगमगाया, आशीर्वाद का दीया’
Seva Sankalp Abhiyaan: महासमुंद जिले के गांवों में ‘आशीर्वाद के दीये’ के साथ योजनाओं की थीम पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, सड़क, आजीविका और जनजातीय विकास जैसी योजनाओं को लोककला के माध्यम से दर्शाया गया।
केंद्र सरकार
PM Awas Yojana Gramin: सक्ती में 11 सितंबर को होगा बड़ा कार्यक्रम, शिवराज चौहान और CM साय होंगे शामिल
PM Awas Yojana Gramin: सक्ती जिले के ग्राम जेठा में 11 सितंबर 2026 को होने वाले वृहद कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों का गृह प्रवेश, पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन के साथ कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन होगा।
राज्य सरकार
Chhattisgarhi Culture: तीजा तिहार के रंग में रंगा बहतराई स्टेडियम, CM साय ने माताओं-बहनों संग साझा की खुशियां
Chhattisgarhi Culture: बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य तीजा मिलन समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माताओं-बहनों के साथ तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, महतारी वंदन योजना और लखपति दीदियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की अहम भूमिका बताई।
राज्य सरकार
Bihan Mission : बिहान से जुड़कर सुभद्रा मंडल ने शुरू की खीरे की खेती
Bihan Mission: अम्बिकापुर की सुभद्रा मंडल ने बिहान स्व-सहायता समूह से 1 लाख रुपए का ऋण लेकर एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। अब उनका लक्ष्य लखपति दीदी बनना है।
राज्य सरकार
Raksha Bandhan: मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन की धूम, CM साय को बहनों ने बांधी राखी
Raksha Bandhan: मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राखी बांधी। CM साय ने महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए महिला सशक्तिकरण को विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला बताया।
राज्य सरकार
Bihan Yojana: मछली पालन से आत्मनिर्भर बन रही लखनपुर की महिलाएं
Bihan Yojana: लखनपुर के पुहपुटरा गांव की मुनिता स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘बिहान’ से जुड़कर मछली पालन को आजीविका का साधन बना रही हैं। समूह ने 1.20 लाख रुपये का ऋण लेकर 10 वर्ष की लीज पर तालाब में मछली पालन शुरू किया है। सामूहिक प्रयास से महिलाएं आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राज्य सरकार
GPM Farmers: जीपीएम की पहचान बना विष्णुभोग चावल, 1,500 किसानों को मिल रहा फायदा
Vishnubhog Rice: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का पारंपरिक सुगंधित विष्णुभोग चावल अब एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत नई पहचान बना रहा है। पेंड्रा क्षेत्र में करीब 1,500 किसान 600 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं। वहीं महिलाओं की भागीदारी से धान की खरीदी, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा मिला है।