"लखपति दीदी" के लिए 31 परिणाम मिले
जनसमस्या शिविर : ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान एवं हितग्राहियों को मिला लाभ
पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
समीक्षा बैठक : मनरेगा की लंबित मजदूरी जारी, श्रमिकों तक सूचना पहुंचाने के निर्देश
दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। उन्होंने दुर्ग को मॉडल जिला बनाने के लिए बेहतर तालमेल से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में पेयजल व्यवस्था, नाला सफाई, पीएम आवास निर्माण, मनरेगा मजदूरी भुगतान, “लखपति दीदी” योजना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और किसानों को खाद-बीज वितरण जैसे विषयों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ आमजनों तक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
पंचायत दौरा : लखपति दीदियों से संवाद, चौपाल में नामकरण और विकास घोषणाएँ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कबीरधाम जिले के पंडरिया स्थित लोखान पंचायत के बैगा बाहुल्य कमराखोल में औचक दौरा किया और आम के पेड़ों के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने पीएम जनमन योजना के कार्यों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। चौपाल में लखपति दीदियों ने अपने-अपने आजीविका अनुभव साझा किए, जिनमें महुआ संग्रह, निर्माण कार्य, सामग्री आपूर्ति और सब्जी उत्पादन शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए उन्हें आगे और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
लाड़ली बहना योजना: नकद सहायता से आगे बढ़कर अब पशुपालन के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को हर महीने ₹1500 की आर्थिक सहायता दे रही है, जिससे करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। अब सरकार इस योजना को आगे बढ़ाते हुए कृषि से जुड़ी महिलाओं को पशुपालन (गाय-भैंस) के लिए आर्थिक मदद देने की तैयारी कर रही है, ताकि वे दूध उत्पादन के जरिए स्थायी आय कमा सकें। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ सहायता राशि तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। हालांकि विपक्ष इस राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने की मांग कर रहा है, जिस पर सरकार भविष्य में विचार करने की बात कह रही है।
छत्तीसगढ़
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत : सीएम साय सुकमा पहुंचे, 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सुकमा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 308 करोड़ रुपए के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर में अब तेजी से शांति और विकास लौट रहा है—3 हजार से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, गांवों में स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 1100 टीमें घर-घर जांच करेंगी, वहीं महिलाओं, आदिवासियों और दिव्यांगों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।
छत्तीसगढ़
सीईओ हेमंत नंदनवार का निरीक्षण, आजीविका केंद्रों को सशक्त बनाने व योजनाओं में तेजी के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने विभिन्न आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण कर महिलाओं को बेहतर उत्पाद निर्माण और बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए।
महासमुंद
सरायपाली में राज्यपाल का सख्त संदेश: “डबरी खनन बढ़ाओ, जल बचाओ – हर खेत तक पहुंचे विकास”
राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों को डबरी खनन के लिए प्रोत्साहित किया और जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित विकास पर जोर दिया। जैविक खेती, रासायनिक उर्वरक कम करने और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की हिदायत दी। स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में टीबी, कैंसर और मोतियाबिंद के लिए जनसहभागिता बढ़ाने, योग को जन-जन तक पहुंचाने और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। बैठक में जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।