"जल संरक्षण" के लिए 136 परिणाम मिले
विदेश
एल नीनो का असर : यूरोप में चलेगी भीषण लू, ऑस्ट्रेलिया में सूखे का खतरा, वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी
एल नीनो के सक्रिय होने से दुनिया के कई हिस्सों में मौसम का संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। यूरोप में भीषण लू और जंगलों में आग का खतरा बढ़ सकता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में सूखे और जल संकट की स्थिति बन सकती है। वैज्ञानिकों ने इसे जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकेत बताया है।
विदेश
सिंधु जल संधि : पाकिस्तान में खेती और पीने के पानी का बढ़ा संकट
सिंधु जल संधि के निलंबन का असर अब पाकिस्तान में दिखने लगा है। किसानों को सिंचाई और लोगों को पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने साफ कहा है कि आतंकवाद बंद होने तक संधि बहाल नहीं होगी।
भीषण गर्मी में राहत : छत्तीसगढ़ के 4,755 सूखते तालाबों को नहरों से मिला पानी
भीषण गर्मी और गिरते भू-जल स्तर के बीच छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सूखते तालाबों को नहरों के माध्यम से भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक प्रदेश के 4,755 तालाबों में पानी पहुंचाया जा चुका है। रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी सहित कई जिलों में तेजी से जल भराव कार्य जारी है। इस पहल से ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल संकट से राहत मिल रही है, वहीं भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
7 मई को सुशासन तिहार के तहत चावल महोत्सव, रोजगार एवं आवास दिवस का एक साथ आयोजन
छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में 7 मई को सुशासन तिहार के तहत एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस एक साथ मनाए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान करना, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देना और ग्रामीण विकास कार्यों को तेज करना है। साथ ही जल संरक्षण और आजीविका बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ भी की जाएंगी। पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया है।
कैम्पा बैठक में वन क्षेत्रों के विकास को गति देने पर जोर, 713 करोड़ की 2026-27 कार्ययोजना भेजी गई स्वीकृति
छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कैम्पा की 9वीं बैठक में वन क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई और 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया। बैठक में वन क्षेत्रों में पुल, सड़क और भवन जैसे बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने, नक्सल मुक्त क्षेत्रों में विकास तेज करने और वृक्षारोपण, वन पुनर्स्थापन व जल संरक्षण कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा बैठक : कलेक्टर ने सुशासन तिहार, जनगणना और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट में समय-सीमा बैठक लेकर शासकीय योजनाओं, सुशासन तिहार, जनगणना 2027 और अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने समाधान शिविरों में आवेदनों के त्वरित निराकरण, पात्र हितग्राहियों को मौके पर लाभ वितरण और अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विकसित संकल्प यात्रा (5–20 मई) के तहत किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। साथ ही जनगणना के मकान सूचीकरण कार्य, आधार आधारित उपस्थिति, ई-फाइल प्रणाली, चावल वितरण और जल संरक्षण अभियान ‘मोर गांव मोर पानी 2.0’ को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निपटाने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा निर्माण में सहभागिता
महासमुंद जिले में मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला पंचायत परिसर में सोख्ता गड्ढा निर्माण हेतु श्रमदान किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने इसमें भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी विभागों और आमजन से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
सुशासन तिहार की तैयारियों पर सीईओ ने दिए निर्देश, 1 मई से ब्लॉक स्तर पर लगेंगे शिविर; लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में जिले की शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने “सुशासन तिहार” की तैयारियों के तहत 1 मई 2026 से ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित करने, सभी विभागों को मुनादी और नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा शिविरों में योजनाओं की जानकारी और लाभ वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़
देवलभांठा बना ‘हर घर जल’ गांव, 301 घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल, जल संकट का स्थायी समाधान
महासमुंद जिले के ग्राम देवलभांठा में हर घर जल योजना के तहत 301 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। लगभग 79.68 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी और 2960 मीटर पाइपलाइन का निर्माण किया गया, जिससे गांव को जल संकट से स्थायी राहत मिली। 10 दिसंबर 2025 को गांव को “हर घर जल प्रमाणित” घोषित किया गया। योजना की सफलता में सरपंच और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही, जिससे अब लोगों का जीवन आसान हुआ है।
छत्तीसगढ़
गरियाबंद : उदंती के जानवरों को आग और गर्मी से बचाने ड्रोन की निगरानी, प्यास बुझाने जगह-जगह झिरिया और सोलर पंप से पानी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने गर्मियों में जंगल में आग, जल संकट और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए सभी 143 फॉरेस्ट बीट में फायर वॉचर्स और वॉटर वॉचर्स तैनात किए हैं। फायर वॉचर्स आग की शुरुआती पहचान और ड्रोन से निगरानी करते हैं, जबकि वॉटर वॉचर्स ने 750 से अधिक जल स्रोत (झिरिया) और सौर पंपों के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसके साथ एंटी-पोचिंग टीमें और सैटेलाइट मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इन प्रयासों से पिछले तीन वर्षों में किसी भी मानव या वन्यजीव हताहत की घटना नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़
IKSVV का बंद गेट खुलेगा : बस स्टैंड और जिला अस्पताल तक अब सीधा रास्ता, लोगों को बड़ी राहत
खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का वर्षों से बंद गेट अब कुलपति लवली शर्मा के आदेश से रात 9 बजे तक खोला जाएगा। इससे बस स्टैंड और जिला अस्पताल जाने वाले लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा और लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वहीं, कुलपति के एक साल के कार्यकाल में 35 से ज्यादा विकास कार्य कर विश्वविद्यालय में सुविधाओं, शिक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है।
महासमुंद कलेक्टर ने शासकीय योजनाओं की समय-सीमा समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समय-सीमा में समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को कार्य योजना, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में यूरिया बिक्री, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बाल पोषण, शिक्षा, जल संरक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।