"जल संरक्षण" के लिए 136 परिणाम मिले
सेहत
ऑर्गेनिक खेती : बदल रही कृषि की तस्वीर, दुनिया भर में मांग,पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण
दुनियाभर में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की मांग पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित भोजन की चाहत ने ऑर्गेनिक उत्पादों के बाजार को 106 अरब डॉलर से अधिक का बना दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आज भी यह नहीं समझते कि ऑर्गेनिक लेबल के पीछे कौन से वैज्ञानिक मानक और प्रमाणन प्रक्रियाएं काम करती हैं।
राज्य सरकार
भव्य शुभारंभ : रायपुर में आम महोत्सव का आगाज, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने आम को “फलों का राजा” बताते हुए इसके सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्थानीय और दुर्लभ आम आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में किसानों को नई तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन के अवसरों की जानकारी दी गई।
रायपुर
नई दिशा : 125 दिन रोजगार और डिजिटल भुगतान की नई व्यवस्था
केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मनरेगा की जगह ‘VB-G RAM G योजना’ लागू करने जा रही है। नई योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इसमें आवेदन ग्राम पंचायत के माध्यम से होगा और 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रहेगा।
महासमुंद
योजनाओं की समीक्षा : समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश
जिले में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा 1 जून से ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए।
रायपुर
भीषण गर्मी : ग्रामीणों के लिए राहत बनी पीएचई टीम, गांव-गांव पहुंचा रहा स्वच्छ पेयजल
जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। विभाग द्वारा खराब हैंडपंपों और पाइपलाइन समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ गांवों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण और जनभागीदारी के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
धमतरी
वन संरक्षण : वन, जल और जनजीवन का अध्ययन, धमतरी में IFS प्रशिक्षुओं का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
धमतरी वनमंडल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 50 IFS प्रशिक्षु अधिकारियों का 10 दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने सतत वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण, सागौन एवं बांस वृक्षारोपण, वन सर्वेक्षण तकनीकों और क्षतिग्रस्त वनों के पुनर्वास का व्यवहारिक अध्ययन किया। साथ ही ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक सर्वे कर जनभागीदारी आधारित वन संरक्षण मॉडल को भी समझा।
मिशन : अब हर घर तक पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल
महासमुंद जिले के बसना विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गणेशपुर में जल जीवन मिशन के तहत 127.47 लाख रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था विकसित की गई है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी और 1750 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 130 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। पहले जहां ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
समीक्षा बैठक : कलेक्ट्रेट बैठक में बड़ा एक्शन प्लान, खाद वितरण, राशन भंडारण और रेत उत्खनन पर फोकस
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, पीओएस मशीन से वितरण सुनिश्चित करने और खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही शासकीय खर्च में मितव्ययता, ई-ऑफिस को बढ़ावा, पीएम किसान योजना के तहत एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन बढ़ाने, सुशासन तिहार के लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण, पीएम आवास योजना के अधूरे आवास जल्द शुरू कराने तथा ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
देश
सुपर अलनीनो का खतरा : 2026 में रिकॉर्ड गर्मी, कमजोर मानसून, प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ संकट
National Oceanic and Atmospheric Administration यानी NOAA ने चेतावनी दी है कि 2026 में “सुपर अलनीनो” विकसित हो सकता है, जिसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इसके कारण भारत में मानसून कमजोर होने, रिकॉर्ड गर्मी, सूखा, जल संकट और कृषि उत्पादन में गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि प्रशांत महासागर का तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो 2026-27 दुनिया के सबसे गर्म और चुनौतीपूर्ण वर्षों में शामिल हो सकते हैं।
किसानों के प्रेरणास्रोत : मेहनत का कमाल, छबी लाल ने लिखी सफलता की नई कहानी
ग्राम बेलौदी निवासी किसान छबी लाल ने वाटरशेड विकास योजना की मदद और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी 1.5 एकड़ भूमि को सफल सब्जी उत्पादन मॉडल में बदल दिया है। कभी पानी की कमी और सीमित संसाधनों से जूझने वाले छबी लाल आज बरबट्टी, भिंडी, करेला, बैंगन और तोरई जैसी सब्जियों की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नरेन्द्र भूषण ने भी उनके खेत का दौरा कर सराहना की। छबी लाल की उपलब्धि अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
सुशासन की नई दिशा : सचिव शंगीता आर. की संयुक्त बैठक, विकास और जवाबदेही पर कड़े निर्देश
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक कर सुशासन, जवाबदेही और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता, जल संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना, वित्तीय अनुशासन और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कृषि जागरूकता : किसानों को आधुनिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया गया जागरूक
विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में जागरूकता एवं समाधान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों एवं जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।