"जल संरक्षण" के लिए 106 परिणाम मिले
मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा निर्माण में सहभागिता
महासमुंद जिले में मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला पंचायत परिसर में सोख्ता गड्ढा निर्माण हेतु श्रमदान किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने इसमें भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी विभागों और आमजन से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
सुशासन तिहार की तैयारियों पर सीईओ ने दिए निर्देश, 1 मई से ब्लॉक स्तर पर लगेंगे शिविर; लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में जिले की शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने “सुशासन तिहार” की तैयारियों के तहत 1 मई 2026 से ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित करने, सभी विभागों को मुनादी और नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा शिविरों में योजनाओं की जानकारी और लाभ वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़
देवलभांठा बना ‘हर घर जल’ गांव, 301 घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल, जल संकट का स्थायी समाधान
महासमुंद जिले के ग्राम देवलभांठा में हर घर जल योजना के तहत 301 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। लगभग 79.68 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी और 2960 मीटर पाइपलाइन का निर्माण किया गया, जिससे गांव को जल संकट से स्थायी राहत मिली। 10 दिसंबर 2025 को गांव को “हर घर जल प्रमाणित” घोषित किया गया। योजना की सफलता में सरपंच और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही, जिससे अब लोगों का जीवन आसान हुआ है।
छत्तीसगढ़
गरियाबंद : उदंती के जानवरों को आग और गर्मी से बचाने ड्रोन की निगरानी, प्यास बुझाने जगह-जगह झिरिया और सोलर पंप से पानी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने गर्मियों में जंगल में आग, जल संकट और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए सभी 143 फॉरेस्ट बीट में फायर वॉचर्स और वॉटर वॉचर्स तैनात किए हैं। फायर वॉचर्स आग की शुरुआती पहचान और ड्रोन से निगरानी करते हैं, जबकि वॉटर वॉचर्स ने 750 से अधिक जल स्रोत (झिरिया) और सौर पंपों के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसके साथ एंटी-पोचिंग टीमें और सैटेलाइट मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इन प्रयासों से पिछले तीन वर्षों में किसी भी मानव या वन्यजीव हताहत की घटना नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़
IKSVV का बंद गेट खुलेगा : बस स्टैंड और जिला अस्पताल तक अब सीधा रास्ता, लोगों को बड़ी राहत
खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का वर्षों से बंद गेट अब कुलपति लवली शर्मा के आदेश से रात 9 बजे तक खोला जाएगा। इससे बस स्टैंड और जिला अस्पताल जाने वाले लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा और लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वहीं, कुलपति के एक साल के कार्यकाल में 35 से ज्यादा विकास कार्य कर विश्वविद्यालय में सुविधाओं, शिक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है।
महासमुंद कलेक्टर ने शासकीय योजनाओं की समय-सीमा समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समय-सीमा में समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को कार्य योजना, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में यूरिया बिक्री, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बाल पोषण, शिक्षा, जल संरक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
महासमुंद
सरायपाली में राज्यपाल का सख्त संदेश: “डबरी खनन बढ़ाओ, जल बचाओ – हर खेत तक पहुंचे विकास”
राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों को डबरी खनन के लिए प्रोत्साहित किया और जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित विकास पर जोर दिया। जैविक खेती, रासायनिक उर्वरक कम करने और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की हिदायत दी। स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में टीबी, कैंसर और मोतियाबिंद के लिए जनसहभागिता बढ़ाने, योग को जन-जन तक पहुंचाने और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। बैठक में जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
महासमुंद
बेल्टुकरी में विकास को रफ्तार: 3.5 किमी पक्की सड़क, तालाब गहरीकरण और पेयजल योजना को मंजूरी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ग्राम बेल्टुकरी में नेशनल हाईवे से स्कूल तक 3.5 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क बनाने का निर्णय लिया है, जिससे बच्चों के सुरक्षित आवागमन की सुविधा होगी। साथ ही, बंधो तालाब का गहरीकरण और मल्टीविलेज योजना के तहत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
महासमुंद
महासमुंद में कोडार परियोजना: 3619 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 21 करोड़ रुपये मंजूर
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने महासमुंद जिले की कोडार परियोजना के तहत चिंगरौद वितरक नहर की बाँयी तट मुख्य नहर में सी.सी. लाइनिंग के लिए ₹21.11 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इस कार्य से 3619 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी, वर्तमान कमी 767 हेक्टेयर पूरी होगी और 210 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को जोड़ने की सुविधा मिलेगी। परियोजना से किसानों को बेहतर सिंचाई, फसल उत्पादन में वृद्धि, जल संरक्षण और कृषि लागत में कमी जैसे लाभ मिलेंगे। मुख्य अभियंता को कार्य समयसीमा में पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे क्षेत्रीय कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
विदेश
छत्तीसगढ़ में जल क्रांति का नया अध्याय, जल जीवन मिशन 2.0 पर ऐतिहासिक एमओयू
ग्रामीण जल व्यवस्था सशक्त होगी, “हर घर जल” लक्ष्य को मिलेगी नई रफ्तार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय