"जल संरक्षण" के लिए 136 परिणाम मिले
राज्य सरकार
नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर में ‘स्रोत महोत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नदी और जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के माध्यम से नदियों के उद्गम स्थलों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
रायपुर संभाग
हरेली तिहार: किसानों ने कृषि औजारों और पशुधन की पूजा कर निभाई परंपरा
हरेली पर्व को लेकर गांव के बच्चों और युवाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कृषि औजारों और पशुधन की पूजा में परिवार के सदस्यों के साथ भाग लिया और पर्व से जुड़ी परंपराओं को करीब से समझा। गांव के बुजुर्गों ने बच्चों को हरेली का धार्मिक, सांस्कृतिक और कृषि से जुड़ा महत्व बताया। उन्होंने समझाया कि यह पर्व किसानों, पशुधन, धरती और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।
राज्य सरकार
महासमुंद में मिलेट्स पर कार्यशाला, डॉ. खादर वली ने किसानों को बताए फायदे
महासमुंद में अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पद्मश्री डॉ. खादर वली ने किसानों को मिलेट्स के पोषण लाभ, प्राकृतिक खेती और कम लागत में बेहतर उत्पादन के तरीके बताए। उन्होंने किसानों से कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों को अपनाने की अपील की।
राज्य सरकार
सरगुजा के किसान ने अपनाई आधुनिक तकनीक, ड्रिप सिंचाई से मिली खेती को नई दिशा
सरगुजा जिले के किसान आनंद राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाई है। इससे पानी, समय और श्रम की बचत के साथ टमाटर व गोभी जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ा है। आधुनिक तकनीक से किसान खेती को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
महासमुंद
सुशासन तिहार में उठी मांग पर कार्रवाई, बागबाहरा के तालाबों को बचाने एसटीपी निर्माण की तैयारी शुरू
बागबाहरा में नगर के तालाबों को नालियों के गंदे पानी से बचाने की दिशा में नगर पालिका ने दो एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री मयंक शर्मा द्वारा सुशासन तिहार 2026 में उठाई गई मांग के बाद यह पहल की गई है। परियोजना पूरी होने पर तालाबों में गंदे पानी का प्रवाह रुकेगा और पर्यावरण व जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कोरिया
मोर गांव मोर पानी अभियान : कोरिया में संवरे 93 तालाब, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत कोरिया जिले में जल संरक्षण को लेकर बड़ी पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 93 पुराने तालाबों का गहरीकरण और पुनरुद्धार कार्य पूरा किया है। करीब 7.87 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन जल संसाधनों से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, महिलाओं को आजीविका के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन भी हुआ है।
राज्य सरकार
वन विभाग का हरित प्रयास : सीड बॉल अभियान से बदलेगी जंगलों की तस्वीर, बारिश के साथ धरती पर लौटेगी हरियाली
छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा सीड बॉल अभियान के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और वनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। मिट्टी, जैविक खाद और बीजों से तैयार सीड बॉल बारिश के बाद अंकुरित होकर नए पौधों का रूप लेते हैं। इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, स्वयंसेवी संस्थाएं और ग्रामीणों की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य सरकार
लाभकारी खेती की ओर बढ़े कदम : धान की जगह मूंगफली पर बढ़ा भरोसा, किसानों को होगा ज्यादा लाभ
महासमुंद जिले में खरीफ सीजन के दौरान धान के स्थान पर मूंगफली जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग के प्रोत्साहन से जिले में करीब 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती हो रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बालोद
जनआंदोलन : बालोद के 29 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने जल बचाने का दिया संदेश, घर-घर लिखे पत्र
बालोद जिले में ‘जल संचय-जनभागीदारी 2.0’ और ‘कैच द रैन 2026’ अभियान के तहत 1048 विद्यालयों में एक साथ पत्र लेखन गतिविधि आयोजित की गई। इसमें 29,367 विद्यार्थियों ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए अपने परिजनों और नागरिकों को जागरूक किया। अभियान में कुल 37,497 लोगों ने भाग लेकर वर्षा जल संचयन और जल बचाने का संकल्प लिया।
राज्य सरकार
नई उड़ान : स्कूली बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा को मिलेगा मंच, बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की तैयारियां तेज
छत्तीसगढ़ में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में 33 जिलों के जिला समन्वयकों और रिसोर्स शिक्षकों को वैज्ञानिक परियोजना निर्माण, अनुसंधान पद्धति और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध क्षमता को बढ़ावा देना है।
राज्य सरकार
बड़ी कामयाबी : मोर गांव-मोर पानी अभियान ने बदली गांवों की तस्वीर, जल संचयन से बढ़ेगी किसानों खुशहाली
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। जनभागीदारी से 2.85 लाख जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया, जिससे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई। इस पहल से भूजल स्तर सुधार, किसानों को सिंचाई सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार
छोटी डबरी, बड़ा बदलाव : किसान को मिली सिंचाई, मछली पालन और रोजगार का नया सहारा
बस्तर के खोटलापाल गांव में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत बनी डबरी ने किसान सोनधर की जिंदगी बदल दी है। जल संरक्षण से सिंचाई सुविधा बढ़ी, मछली पालन से अतिरिक्त आय मिली और गांव में भूजल स्तर भी सुधरा।