"पर्यावरण संरक्षण" के लिए 181 परिणाम मिले
मिशन मोड में साय सरकार : पीएम मोदी की अपील पर वित्त विभाग का बड़ा एक्शन, अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके आर्थिक प्रभावों के बीच छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य में वित्तीय अनुशासन और संसाधनों की बचत के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने 30 सितंबर 2026 तक लागू रहने वाली नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें अफसरों की विदेश यात्राओं पर रोक, सरकारी कारकेड में कटौती, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, कार पूलिंग, ऑनलाइन बैठकों, बिजली बचत और पेपरलेस कामकाज जैसे निर्देश शामिल हैं।
रायपुर संभाग
चंपारण प्रशिक्षण : ई-रिक्शा से पहुंचे भाजपा पदाधिकारी, चंपारण प्रशिक्षण वर्ग में दिखी सादगी और संदेश
चंपारण में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग में संगठन मजबूती, बूथ स्तर तक सक्रियता और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज सहित कई पदाधिकारी ई-रिक्शा से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिसने सादगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
आजीविका मॉडल : सेरीखेड़ी पहुंचे केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, महिला समूहों के नवाचार की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण आजीविका मॉडल को देशभर के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विदेश
एल नीनो का असर : यूरोप में चलेगी भीषण लू, ऑस्ट्रेलिया में सूखे का खतरा, वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी
एल नीनो के सक्रिय होने से दुनिया के कई हिस्सों में मौसम का संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। यूरोप में भीषण लू और जंगलों में आग का खतरा बढ़ सकता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में सूखे और जल संकट की स्थिति बन सकती है। वैज्ञानिकों ने इसे जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकेत बताया है।
बड़ा संदेश : ईंधन संरक्षण बने जन-आंदोलन, EV और कारकेड नीति में बदलाव की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण आह्वान का समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण पर्यावरण और भविष्य दोनों के लिए जरूरी है। राज्य सरकार शासकीय स्तर पर ईंधन खपत घटाने, वाहनों के सीमित उपयोग और चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की दिशा में काम करेगी।
बड़ा प्रहार : पर्यावरण मानकों से खिलवाड़ पड़ा भारी, रायगढ़ में 25 उद्योगों पर बड़ी कार्रवाई
रायगढ़ जिले में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिले का AQI फिलहाल ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ है। प्रदूषण और फ्लाई ऐश प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वाले 25 उद्योगों पर जनवरी से मई 2026 तक 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है।
संरक्षण : औद्योगिक विकास और पर्यावरण संतुलन को मिल रही मजबूती
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल राज्य में औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। मंडल द्वारा नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी उद्योग पर्यावरणीय मानकों का पालन करें।
संरक्षण पर फोकस : खनन प्रभावित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका सृजन की दिशा में बड़ा कदम
कोरबा में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की, जबकि मुख्य उपस्थिति मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद ज्योत्सना महंत और अन्य जनप्रतिनिधियों की रही। बैठक में बताया गया कि डीएमएफ कोरबा जिले के विकास का प्रमुख आधार बन चुका है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
ई-ऑफिस प्रणाली : डिजिटल सुशासन की ओर एक ऐतिहासिक कदम
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली ने सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाकर सुशासन की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी को बढ़ावा दे रही है तथा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम कर रही है। अब फाइलें ऑनलाइन ट्रैक होती हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हुई है।
रायपुर
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी : उसना राइस मिल की एनओसी रद्द, ग्रामीणों के विरोध के बाद पंचायत का बड़ा फैसला
आरंग विकासखंड के ग्राम चटौद में नियमों की अनदेखी कर उसना राइस मिल स्थापित करने के मामले में पंचायत ने बड़ा कदम उठाते हुए पहले दी गई NOC को सर्वसम्मति से रद्द कर दिया। कंपनी पर अरवा राइस मिल की अनुमति लेकर उसना मिल का निर्माण करने का आरोप था, जिससे गांव के पास स्थित नया तालाब और घनी आबादी प्रभावित होने की आशंका थी।
छत्तीसगढ़
बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगल के छिंद बीजों से तैयार हुई कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी, कचरे से कंचन की अनोखी मिसाल
दंतेवाड़ा के युवा उद्यमी विशाल हालदार ने बस्तर के जंगलों में बेकार माने जाने वाले छिंद (खजूर प्रजाति) के बीजों से कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी विकसित कर अनोखा नवाचार किया है। यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक है, जो अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी इसे सराहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि बस्तर में ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी खोल रहा है।
इको पार्क : वेस्ट टू बेस्ट का जीवंत उदाहरण, कबाड़ से कमाल तक की प्रेरक कहानी
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दुलदुला जनपद पंचायत में विकसित इको पार्क “वेस्ट टू बेस्ट” की अवधारणा का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहाँ पुराने टायरों, लोहे के कबाड़ और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों से आकर्षक कलाकृतियाँ, झूले और सजावटी संरचनाएँ बनाई गई हैं। यह पार्क केवल सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामुदायिक स्थल भी है जहाँ ओपन जिम, बच्चों के खेल क्षेत्र और मनोरंजन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन ने इसके पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए पौधरोपण और नियमित देखभाल के निर्देश दिए हैं। यह इको पार्क स्वच्छता, पुनर्चक्रण और रचनात्मकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है और अन्य क्षेत्रों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है।