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छत्तीसगढ़
मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0: जल संरक्षण के लिए 551 ग्राम पंचायतों में व्यापक जल संरचनाओं का निर्माण, 31 मई तक लक्ष्य पूर्ण करने निर्देश
छत्तीसगढ़ में “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में 551 ग्राम पंचायतों में सोख्ता गड्ढे, डबरी, तालाब गहरीकरण, तालाब खनन और कुआं निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अनुपयोगी बोरवेल को पुनः उपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को जनभागीदारी से जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसमें सरकारी के साथ निजी और गैर-सरकारी संस्थाओं की भी भागीदारी होगी। सभी कार्यों को 31 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
छत्तीसगढ़
संपूर्णता अभियान 2.0 में आकांक्षी जिला और विकासखंड ने हासिल की 100% सफलता
नीति आयोग के आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 में जिले ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया। आकांक्षी जिले के 5 और विकासखंड के 6 संकेतकों—जैसे बच्चों का वजन, टीबी पहचान, स्कूलों में बालिका शौचालय, पशुओं का टीकाकरण एवं पोषण आहार वितरण—को पूर्ण करने के लिए सभी विभागों, महिला समूहों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समन्वित प्रयास किए।
छत्तीसगढ़
कमार जनजाति के 940 परिवारों का डिजिटल सर्वे अभियान तेज, 30 अप्रैल 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश
जिले में कमार विशेष पिछड़ी जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए डिजिटल सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 76 PVTG गांवों में निवासरत 940 परिवारों (कुल 3306 जनसंख्या) का शत-प्रतिशत ऑनलाइन दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का सही लाभ पहुंचाना और स्वास्थ्य, शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना है।
छत्तीसगढ़ में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान को रफ्तार, 4 हजार से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे पूर्ण
छत्तीसगढ़ में “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 26 जिलों में समितियों का गठन हो चुका है और 4191 पांडुलिपियों का सर्वे पूरा किया गया है। संस्कृति विभाग के नेतृत्व में प्रशिक्षित टीमों द्वारा जमीनी स्तर पर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर को खोजकर डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह अमूल्य ज्ञान सुरक्षित पहुंच सके।
कलेक्टर ने ली जिला पशु बाजार मॉनिटरिंग समिति की बैठक
विकासखंड स्तर पर स्थानीय प्राधिकारियों के माध्यम से पशु बाजार समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं, जो प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र पाए जाने पर प्रस्ताव जिला मॉनिटरिंग समिति को प्रस्तुत करती है। जिला समिति द्वारा प्रस्तावों का परीक्षण कर नियमानुसार पंजीयन एवं संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है।
छत्तीसगढ़
कौशल विकास से सशक्त बनेंगी शाला त्यागी बालिकाएं
भारत सरकार की नाव्या पायलट परियोजना के तहत 16–18 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
महासभा: नियुक्ति से पेंशन की मांग को लेकर एसोसिएशन ने भरी हुंकार
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने रायपुर में प्रांतीय महासभा का आयोजन किया, जिसमें शिक्षक नेताओं और प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने प्रथम नियुक्ति से पेंशन सहित कई मांगों पर जोरदार हुंकार भरी। मुख्य अतिथि विधायक पुरंदर मिश्रा ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। महासभा में सेवा अवधि बढ़ाने, पूर्ण पेंशन 20 वर्षों में देने, पदोन्नति, टीईटी, डीएड/बीएड परीक्षाओं और समयमान वेतनमान जैसी प्रमुख मांगों पर कार्ययोजना बनाई गई।
प्लेसमेंट कर्मचारी 15 से हड़ताल पर
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में प्लेसमेंट कर्मचारियों ने नए श्रम कानून लागू करने और समान वेतन की मांग को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि राज्य में अब तक कानून लागू नहीं होने से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 अप्रैल तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे चरणबद्ध हड़ताल शुरू करेंगे।
महासमुंद
कृषि विभाग द्वारा अधिक यूरिया खपत की शिकायतों की जांच
कृषि विभाग ने भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय और कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश पर 06 अप्रैल को अधिक यूरिया खपत की शिकायतों की जांच शुरू की। इस दौरान ग्राम हथखोज, जिला गरियाबंद में कृषक श्री बालमुकुंद निषाद के यहां भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि कृषक ने अपनी 3.5 एकड़ कृषि भूमि के लिए सभी खरीदे गए उर्वरकों का उपयोग कर लिया है और आगामी खरीफ सीजन के लिए कोई यूरिया शेष नहीं है। उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने कृषकों से अपील की कि वे उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें ताकि अनियमितता से बचा जा सके।
पीओएस मशीन से यूरिया की अनियमित बिक्री : 106 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी
महासमुंद जिले में 16-29 मार्च 2026 के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से यूरिया के अनियमित वितरण के मामलों में 106 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी। 86 निजी और 20 सहकारी संस्थाओं को 7 दिन में जवाब देने को कहा गया।