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धर्म
शुभारंभ : देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ, भगवान विष्णु के शयन से बदल जाते हैं ये नियम
जब भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास में भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं। इस दौरान विष्णु-शिव की पूजा, मंत्र जाप, भागवत कथा श्रवण और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।
राष्ट्रीय
भोपाल स्टेट म्यूजियम : मूर्ति का सच आया सामने, सरस्वती नहीं गायत्री हैं देवी
स मूर्ति को देवी सरस्वती माना जाता था, उसे अब देवी गायत्री की मूर्ति के रूप में पहचाना गया है। यह मूर्ति 12वीं सदी की है, जो परमार राजवंश के समय की है। शास्त्रों में वर्णित देवी गायत्री के स्वरूप और वीणा की अनुपस्थिति इसके मुख्य प्रमाण हैं।
धर्म
जाप माला में 108 दाने ही क्यों होते हैं, जानिए इसका धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व
जाप माला में 108 दाने होने के पीछे धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं जुड़ी हैं। सनातन परंपरा में 108 संख्या को पूर्णता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जानिए 108 दानों वाली माला का महत्व, गुरु दाने का रहस्य और मंत्र जाप में इसकी भूमिका।
धर्म
आषाढ़ मास का शुभारंभ : भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की आराधना का पावन समय शुरू
पूर्णिमा तिथि के समापन के साथ हिंदू पंचांग का पवित्र आषाढ़ मास शुरू हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा, दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। आषाढ़ मास में आने वाली देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का भी आरंभ होता है, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान देशभर के विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का क्रम शुरू हो गया है।
धर्म
सनातन संस्कृति महोत्सव : लखनऊ में होगी पद्मविभूषण रामभद्राचार्य जी की श्रीराम कथा
पद्मविभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 1 से 9 जून 2026 तक लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होने वाली इस कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों पर विस्तृत प्रवचन होंगे। देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे राजधानी लखनऊ नौ दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगी रहेगी।
धर्म
गंगा दशहरा : आस्था का संगम, सरयू से गंगा घाटों में भीड़
गंगा दशहरा के अवसर पर देशभर के प्रमुख गंगा घाटों और अयोध्या की सरयू नदी में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी, हरिद्वार, प्रयागराज, ऋषिकेश और पटना सहित कई धार्मिक स्थलों पर लोगों ने पवित्र स्नान कर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। हिंदू मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला यह पर्व मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, वहीं कई संगठनों ने गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
धर्म
पद्मिनी एकादशी : हजारों वर्षों की तपस्या के बाद पूरी हुई मनोकामना
पद्मिनी एकादशी की पौराणिक कथा के अनुसार राजा कृतवीर्य और रानी पद्मिनी ने संतान प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की। माता अनुसूया की सलाह पर रानी ने पद्मिनी एकादशी व्रत रखा, जिससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पराक्रमी पुत्र कार्तवीर्य अर्जुन का वरदान दिया।
धर्म
शिव महापुराण : शिव भक्ति में डूबा रायपुर, महापुराण महोत्सव
21 मई से शुरू हुआ महापुराण महोत्सव इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव के तहत 28 मई तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा स्थल पर भजन संध्या, रुद्राभिषेक, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है।
धर्म
चिरमिरी : राममय हुआ माहौल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा का आयोजन
छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के चिरमिरी में आयोजित पूज्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की भव्य श्रीराम कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 5100 मातृ शक्तियों की विशाल कलश यात्रा के साथ शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कथा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, संस्कार और धर्म का संदेश दे रहे हैं, वहीं पूरे चिरमिरी नगर को भगवा ध्वज और आकर्षक सजावट से राममय बना दिया गया है।
धर्म
राम कथा : जगद्गुरु स्वामी रामस्वरूपाचार्य की रामकथा में गूंजे धर्म और संस्कार के संदेश
जगद्गुरु स्वामी श्री रामस्वरूपाचार्य जी महाराज द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा के दौरान धर्म, संस्कृति, सेवा और भारतीय संस्कारों का संदेश दिया जा रहा है। जगद्गुरु महाराज ने युवाओं से भारतीय परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
धर्म
गौ रक्षा धर्म युद्ध यात्रा : शंकराचार्य जी, कैलेश्वर धाम में, संस्कार और संस्कृति की सिख
Shankaracharya इन दिनों उत्तर प्रदेश में “गौ रक्षा धर्म युद्ध यात्रा/जनजागरण अभियान” के तहत धार्मिक सभाएं और प्रवचन कर रहे हैं। 18-19 मई 2026 को वे Kaileshwar Dham Ashram में प्रवास पर हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वचन के लिए पहुंच रहे हैं। अपने प्रवचनों में उन्होंने धर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार और गौसेवा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया।
धर्म
श्रीमद् भागवत : महापुराण कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रायपुर के शंकर नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जा रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।