"चुनाव" के लिए 320 परिणाम मिले
दुर्ग
दुर्ग में गोड़ समाज का कलेक्ट्रेट घेराव : देवालय का ताला खोलने पर अड़े, सड़कें जाम—पुतला दहन से माहौल गरमाया
दुर्ग में आदिवासी गोड़ समाज ने देवालय का ताला खोलने और समिति विवाद की जांच की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। हजारों लोगों की रैली के दौरान कचहरी चौक पर चक्का जाम और पटेल चौक पर पुतला दहन हुआ, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था घंटों प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों ने चारों ओर घेराबंदी कर माहौल तनावपूर्ण बना दिया। प्रशासन ने ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आज दौरे पर साय : बांगल में नई BJP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पश्चिम बंगाल के दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जहां वे 9 मई को होने वाले नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वे आज शाम रायपुर से कोलकाता के लिए उड़ान भरेंगे और वहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बीजेपी ने अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के नाम पर निर्णय लिया जा सकता है।चुनाव में बीजेपी को 206 सीटों के साथ बहुमत मिला है, जबकि टीएमसी को 81 सीटें मिलीं। इस परिणाम के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।मुख्यमंत्री पद की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। अब 9 मई का शपथ ग्रहण समारोह राज्य की नई राजनीतिक दिशा तय करेगा।
धर्म
विश्वास का खुलासा : बंगाल में नहीं होने दी गई हमारी रामकथा
कुमार विश्वास ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि कोलकाता में उनकी रामकथा के कार्यक्रमों को कई बार रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम, गार्डन और बैंक्वेट हॉल की बुकिंग अचानक कैंसिल कर दी गई थी, जबकि टिकट बिक चुके थे और विज्ञापन भी प्रकाशित हो चुके थे। कुमार विश्वास के अनुसार, राजनीतिक दबाव के कारण आयोजन नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी बताया कि मार्च में होने वाले उनके कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए थे। चुनावों के बाद बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव और भाजपा-तृणमूल कांग्रेस के टकराव के बीच उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।
देश
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड : राजनीतिक रंजिश, सुपारी किलिंग या व्यक्तिगत दुश्मनी? कई एंगल में जांच जारी
चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। वे पूर्व वायुसेना अधिकारी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। पुलिस जांच में राजनीतिक रंजिश, सुनियोजित टारगेट किलिंग, व्यक्तिगत दुश्मनी और आपराधिक गिरोह की भूमिका जैसे कई एंगल शामिल हैं, लेकिन अभी किसी की पुष्टि नहीं हुई है। मामला जांच के अधीन है और सच सामने आना बाकी है।
राष्ट्रीय
असम में सियासी हलचल : 12 मई को नई NDA सरकार के शपथ की चर्चा, हिमंता बिस्वा सरमा फिर बन सकते हैं मुख्यमंत्री
असम में नई NDA सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। 12 मई को शपथ ग्रहण की संभावना जताई जा रही है, जिसमें हिमंता बिस्वा सरमा के एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने की चर्चा है। 10 मई को NDA विधायक दल की बैठक में नेता का चयन होगा, जबकि सभी विधायकों को 9 मई तक गुवाहाटी पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। NDA की बड़ी जीत के बाद सरकार गठन की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना है।
देश
मुट्ठी में आया सूरज : 256 GW बिजली मांग के बावजूद नहीं हुआ ब्लैकआउट, लेकिन भारत के सामने अब खड़ी है नई ऊर्जा चुनौती
25 अप्रैल 2026 को भारत ने बिजली खपत का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, जब देश की पीक डिमांड 256.1 गीगावॉट तक पहुंच गई। भीषण गर्मी, बढ़ते AC-कूलर, इलेक्ट्रिक वाहनों और उद्योगों के बीच सबसे बड़ी बात यह रही कि देश में कहीं बड़े पैमाने पर बिजली संकट या ब्लैकआउट नहीं हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह सौर ऊर्जा रही, जिसने अकेले करीब 57 GW बिजली उपलब्ध कराई। हालांकि इस उपलब्धि ने एक नई चुनौती भी सामने ला दी है—बिजली उत्पादन नहीं, बल्कि सोलर ऊर्जा को स्टोर करने की क्षमता। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भारत को भविष्य में AI डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है तो बैटरी स्टोरेज और ऊर्जा अवसंरचना पर तेज निवेश अनिवार्य होगा।
भाजपा
भाजपा की जीत पर मंत्री गजेन्द्र के कार्यालय में झालमुरी बांटकर मनाया गया जश्न
गंजपारा स्थित भाजपा कार्यालय में पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में पार्टी की कथित जीत के दावे के बाद उत्सव मनाया गया। इस दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने झालमुरी, मिठाई बांटी, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ खुशी जताई। मंत्री यादव ने इस जीत को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाती है।
गरियाबंद
मोदी के नेतृत्व पर जनता की मुहर, भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर कार्यकर्ताओं में जश्न
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत पर प्रदेश कार्यालय में जश्न मनाया गया। युवा नेता किशोर देवांगन ने इसे विकास और सुशासन की जीत बताते हुए कहा कि जनता का भरोसा प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व पर कायम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति के योगदान को भी अहम बताया।
छत्तीसगढ़
जनादेश सर्वोपरि : कुर्सी नहीं, मतदाता का फैसला ही लोकतंत्र का अंतिम सत्य — माधुरी साहू
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश सह-समन्वयक माधुरी साहू ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और पश्चिम बंगाल की जनता का आभार माना। उन्होंने Mamata Banerjee के “इस्तीफा नहीं दूंगी” बयान की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि होता है और उसे स्वीकार करना ही सही राजनीतिक आचरण है।
देश
धमाकों से दहशत : जालंधर BSF मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट, अब NIA संभालेगी कमान
जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर एक स्कूटर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें एक डिलीवरी बॉय को हल्की चोटें आईं और आसपास नुकसान हुआ। इसी तरह की संदिग्ध घटना अमृतसर में भी सामने आई, जिससे पूरे पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इन घटनाओं की जांच NIA को सौंपी गई है और फॉरेंसिक टीम विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है। राज्य भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर संभावित साजिश के पहलू की जांच जारी है।
अन्य
द्रविड़ पॉलिटिक्स 2.0: साउथ कनेक्शन का नया अध्याय या राष्ट्रीय राजनीति की नई धुरी
तमिलनाडु में थलपति विजय की राजनीतिक एंट्री केवल क्षेत्रीय घटना नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में साउथ कनेक्शन के नए उभार का संकेत है। उनकी द्रविड़ पॉलिटिक्स 2.0 पारंपरिक द्रविड़ विचारधारा जिसकी जड़ें ईवी रामासामी पेरियार के सामाजिक न्याय आंदोलन में हैं, उनको आधुनिक और संतुलित रूप में प्रस्तुत करती है।
चुनाव
सियासत : सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन जो नहीं कर पाए, वो सुपरपॉलिटिक्स विजय ने कैसे कर दिखाया
तमिलनाडु की राजनीति में 2026 का चुनाव एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बनकर उभरा है। विजय ने अपनी पार्टी को सबसे बड़े दल के रूप में खड़ा करने के साथ यह भी साबित किया कि सही रणनीति, टाइमिंग और जमीनी पकड़ से सुपरस्टार सच में सुपर पॉलिटिक्स कर सकता है। विजय की पार्टी जहां सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई, वहां रजनीकांत और कमल हासन जैसे दिग्गजों की राजनीतिक यात्रा अधूरी रह गई। आखिर थलापति विजय ने ऐसा क्या अलग किया, पढ़िए यहां-