Sunday, 11 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Gariaband News: शादी का झांसा देकर दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण और दुष्कर्म, मुख्य आरोपी व साथी गिरफ्तार CG News: कोरबा के आरक्षक का पत्थलगांव में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी Janjgir Champa News: जुआ खेलने वालों पर बड़ी कार्रवाई नकदी समेत वाहन जब्त Elephant Alert: GPM में 52 हाथियों का दल, पेंड्रा-कटघोरा मार्ग पर थमा यातायात CG Crime News: शुक्रवार से लापता थे मां-बेटे, शनिवार को अलग-अलग जगहों पर मिले शव Gariaband News: शादी का झांसा देकर दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण और दुष्कर्म, मुख्य आरोपी व साथी गिरफ्तार CG News: कोरबा के आरक्षक का पत्थलगांव में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी Janjgir Champa News: जुआ खेलने वालों पर बड़ी कार्रवाई नकदी समेत वाहन जब्त Elephant Alert: GPM में 52 हाथियों का दल, पेंड्रा-कटघोरा मार्ग पर थमा यातायात CG Crime News: शुक्रवार से लापता थे मां-बेटे, शनिवार को अलग-अलग जगहों पर मिले शव
W 𝕏 f
होम › रायपुर संभाग › Eight-Year Wait for a Permanent Home: आरंग में जर…
Arang families awaiting homes
Arang families awaiting homes
रायपुर संभाग

Eight-Year Wait for a Permanent Home: आरंग में जर्जर मकानों के बीच जिंदगी गुजार रहे गरीब परिवार

Eight-Year Wait for a Permanent Home: एक तरफ शासन-प्रशासन हर जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, वहीं राजधानी रायपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर आरंग नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में कई परिवार आज भी जर्जर कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।

रोशनी पटेल | कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 25 Aug 2026, 06:38 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:18 AM
आरंग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Eight-Year Wait for a Permanent Home: एक तरफ शासन-प्रशासन हर जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, वहीं राजधानी रायपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर आरंग नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में कई परिवार आज भी जर्जर कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश और लगातार बदलते मौसम के कारण मिट्टी की दीवारें कमजोर होकर ढहने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकानों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आरंग के मुख्य क्षेत्र में स्थित इन घरों की बदहाली ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
स्थानीय निवासी लता निर्मलकर, नंदनी जलक्षत्री, डिगम पटेल और अन्य परिवारों ने बताया कि उनके मकान ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक भांडदेवल मंदिर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। उनका आरोप है कि नगर पालिका और संबंधित अधिकारी पुरातात्विक संरक्षण नियमों का हवाला देकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दे रहे हैं।  

प्रभावशाली लोगों के पक्के मकान बने 

पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि भांडदेवल मंदिर की बाउंड्रीवॉल के पास कई लोगों के पक्के मकानों को स्वीकृति मिली और उनका निर्माण भी पूरा हो चुका है। इसके विपरीत मंदिर से करीब 100 मीटर दूर रहने वाले 25 से 30 जरूरतमंद परिवारों के आवेदन लंबित हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि संरक्षण संबंधी नियम पूरे क्षेत्र में लागू हैं तो फिर कुछ मकानों को अनुमति कैसे दी गई। हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
 Villagers Amid Dilapidated Houses 

चुनावी वादों के बाद भी नहीं बदले परिवारों के हालात

स्थानीय लोगों के अनुसार विधानसभा चुनाव के दौरान क्षेत्र में जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान दिलाने का आश्वासन दिया गया था। पीड़ितों का कहना है कि चुनाव के बाद न तो किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी स्थिति जानने का प्रयास किया और न ही अधिकारियों ने उनकी समस्या का ठोस समाधान किया। 

आठ वर्षों से कार्यालयों और जनदर्शन के चक्कर

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले करीब आठ वर्षों में कई बार नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन दे चुके हैं। अपनी समस्या लेकर वे क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के जनदर्शन कार्यक्रम में भी पहुंचे थे, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लगातार आवेदन देने के बावजूद आवास स्वीकृत नहीं होने से परिवारों में नाराजगी है। 

पात्र परिवारों को वंचित नहीं होने देंगे: सीएमओ

आरंग नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम संजीवन सोनवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से किसी भी पात्र परिवार को वंचित नहीं किया जाएगा। वैध दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद भी यदि किसी हितग्राही को योजना का लाभ नहीं मिला है तो इसके कारणों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर नियमों के अनुरूप समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को पक्का आवास मिल सके।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें