"पानी की समस्या" के लिए 30 परिणाम मिले
भीषण गर्मी में राहत : छत्तीसगढ़ के 4,755 सूखते तालाबों को नहरों से मिला पानी
भीषण गर्मी और गिरते भू-जल स्तर के बीच छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सूखते तालाबों को नहरों के माध्यम से भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक प्रदेश के 4,755 तालाबों में पानी पहुंचाया जा चुका है। रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी सहित कई जिलों में तेजी से जल भराव कार्य जारी है। इस पहल से ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल संकट से राहत मिल रही है, वहीं भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
बिलासपुर
तूफान का कहर : तेज आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, घंटों ठप रही बिजली-पानी व्यवस्था
5 मई की शाम बिलासपुर में अचानक तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं से कई पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। शहर में बिजली के तार और पोल टूटने से करीब नौ घंटे तक ब्लैकआउट रहा, जिसका असर पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा। कई इलाकों में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान रहे और विरोध प्रदर्शन भी हुए। होर्डिंग्स और बैनर उड़कर खतरा बने। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें रातभर मरम्मत में जुटी रहीं, लेकिन कई क्षेत्रों में बिजली बहाली में समय लगने की आशंका बनी रही।
छत्तीसगढ़
रायपुर के भाठागांव में पानी की पाइपलाइन फटी, हजारों लीटर पानी सड़क पर बहा, जल संकट के बीच लापरवाही पर सवाल
रायपुर के भाठागांव इलाके में सोमवार सुबह मुख्य पानी पाइपलाइन फट गई, जिससे तेज दबाव के साथ हजारों लीटर पानी सड़क पर बह गया और पूरा इलाका जलमग्न हो गया। पहले से चल रहे जल संकट के बीच इस घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों ने समय पर मरम्मत न होने और नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
छत्तीसगढ़
गगरेल बांध का पानी बना वरदान : कुकरा के कठवा फाल में दिखा ‘मिनी भेड़ाघाट’ जैसा अद्भुत नजारा
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और जल संकट के बीच गंगरेल बांध (रविशंकर सागर) से महानदी मुख्य नहर के जरिए छोड़ा गया पानी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। इससे सूखे तालाब भर रहे हैं, भूजल स्तर बढ़ रहा है और पशुओं के लिए भी पानी उपलब्ध हो रहा है। कुकरा गांव के पास कठवा फाल में नहर का पानी लगभग 15 फीट की ऊंचाई से गिरकर सफेद झाग जैसा “दूधिया” दृश्य बना रहा है, जिसे लोग ‘मिनी भेड़ाघाट’ कह रहे हैं। यह मनमोहक दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
छत्तीसगढ़
मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0: जल संरक्षण के लिए 551 ग्राम पंचायतों में व्यापक जल संरचनाओं का निर्माण, 31 मई तक लक्ष्य पूर्ण करने निर्देश
छत्तीसगढ़ में “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में 551 ग्राम पंचायतों में सोख्ता गड्ढे, डबरी, तालाब गहरीकरण, तालाब खनन और कुआं निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अनुपयोगी बोरवेल को पुनः उपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को जनभागीदारी से जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसमें सरकारी के साथ निजी और गैर-सरकारी संस्थाओं की भी भागीदारी होगी। सभी कार्यों को 31 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
महासमुंद
गिधली गाँव में हर घर जल योजना से आई खुशहाली, अब 250 घरों तक सीधे स्वच्छ पानी
ग्राम गिधली (बसना विकासखंड, महासमुंद) में हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले गांव के लोग हैंडपंप और पावरपंप पर निर्भर थे, जिससे खासकर गर्मियों में पानी की किल्लत और महिलाओं के लिए कठिनाइयाँ होती थीं। योजना के तहत 100.52 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई और 4644 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 250 घरों में नल कनेक्शन दिए गए। अब सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत के सरपंच शोभित मांझी के नेतृत्व और ग्रामीणों के सहयोग से गांव को 17 अप्रैल 2025 को हर घर जल ग्राम के रूप में प्रमाणित किया गया। लाभार्थियों ने बताया कि अब घर में नल से पानी मिलने से समय और मेहनत दोनों बचती हैं।